कौथिग के 9वें दिन और शनिवार के चलते देर रात तक नाचने के मूड में आए प्रवासियों को किशन महिपाल ने भी झुमाया। महिपाल ने जैसे ही किंगरी का छाला घुघुती....गाया तो श्रोताओं की फरमाइशों का दौर चल पड़ा। किशन महिपाल ने अपने चिर परिचित गीत फ्योंलड़िया गाकर श्रोताओं की फरमाइश पूरी की। उनके बहुचर्चित गीत लगी बाडली... किंगर का झाला घुघुती...ने तो जैसे स्रोताओं को मदहोश कर दिया। इस दौरान स्थानीय बच्चों ने भी रंगारंग गीतों पर नृत्य प्रस्तुति दी।
मंच पर तीसरी संध्या में अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता संजय दरमोड़ा, सिने अभिनेता बिजेंद्र काला, कमला बड़ोनी, पर्वतारोही विजया पंत तुली, परवीन पन्त, सुरेश भट्ट, आकाश शर्मा, नरेंद्र टोलिया, गणेश जोशी, विक्त्रसंत पाटिल, गणेश मर्तोलिया, मनोज गोख़िॱरला आदि ने शिरकत की।
संयोजक वरिष्ठ पत्रकार केशर सिंह बिष्ट के संचालन में अतिथियों का सम्मान कौथिग फाउंडेशन के गिरवीर नेगी, डा. योगेश्वर शर्मा, कौथिग फाउंडेशन के अध्यक्ष हीरासिंह भाकुनी, नरेंद्र जोशी, सुरेश राणा, कार्याक्ष्यक्ष सुशील कुमार जोशी, मनोज भट्ट, महासचिव तरुण चौहान, महिपाल नेगी, दिनेश बिष्ट, जगजीवन कन्याल, अनिल बिंजोला, प्रकाश चंद, सुरेश काला, विनोद भट्ट, दीपक भट्ट, गोविंद आर्य, बलवंत पवार, रूपलाल, रणजीत बिष्ट, महिपाल नेगी, महेद्र मेहरा, विजय नारियल, प्रवीण ठाकुर आदि ने किया।
उत्तराखंड के उत्पादों को खरीदने उमड़ रहे प्रवासी
कौथिग प्रांगण में उत्तराखंड के उत्पादों की धूम है। कोदा, झंगारों, राजमा, काली दाल आदि आर्गेनिक उत्पाद खरीदने प्रवासी उमड़ पड़ रहे है। उत्तराखंड से तिल, भंगजीर, बुरांश, पुदीना के जूस के स्टालों पर खूब खरीदारी हो रही है। जो यह दर्शाता है कि बड़े शहरों में भी ऑर्गेनिक उत्पादों कीेेेे डिमांड है।