राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र के सभी स्कूल कॉलेजों को 31 मार्च तक बंद कर दिया गया है। हालांकि 10वीं, 12वीं कक्षा के साथ-साथ विश्वविद्यालय की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित समयसारिणी के मुताबिक जारी रहेंगी। शनिवार को राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षा विभाग को इस संबंध में परिपत्र भेजा है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ प्रदीप व्यास ने जारी परिपत्र में संबंधित संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि वे बीमार छात्रों को दूसरे छात्र के संपर्क में आने से रोकने के उपाय करें।
परिपत्र के अनुसार राज्य में शुक्रवार से लागू किए गए महामारी नियंत्रण कानून के प्रावधानों के मुताबिक राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेजों के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
इससे पहले शुक्रवार को राज्य सरकार ने नागपुर, मुंबई, पुणे समेत छह बड़े शहरों में व्यायामशाला, स्विमिंगपूल, सिनेमाघर और नाट्यगृह 31 मार्च तक बंद करने का एलान किया था।
साथ ही लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। बीमारी के ज्यादा प्रभाव के चलते पुणे और पिंपरी चिंचवड के स्कूल कॉलेजों को भी शुक्रवार को ही बंद करने का फैसला किया गया था।
मुंबई में सेनिटाइजर की एक लाख बोतलें बांटेगी सरकार
कोरोना वायरस की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार की तरफ से मुंबई महानगर में हैंड सेनिटाइजर की एक लाख बोतलें मुफ्त में बांटी जाएगी। मुंबई शहर के प्रभारी मंत्री असलम शेख ने शनिवार को विधानभवन परिसर में विधायकों को सेनेटाईजर बोतलें बांटकर इसकी शुरुआत की।
राज्य के वस्त्रोद्योग व मुंबई शहर के प्रभारी मंत्री शेख ने बताया कि शहर के स्कूलों, पुलिस स्टेशन, बस अड्डे और रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थलों पर सरकार की तरफ से एक लाख हैंड सेनिटाइजर की बोतलें बांटने की योजना है। उन्होंने कहा कि कोरोना विषाणु से घबराने की जरूरत नहीं है, पर सभी को सतर्क रहना चाहिए। सतर्कता से ही बचाव संभव है।