महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
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महाराष्ट्र में तीन दलों की सरकार के मुखिया उद्धव ठाकरे के 100 दिन के कार्यकाल में 100 करोड़ रुपए घोटाले का आरोप लगा है। भाजपा नेता व पूर्व मंत्री आशीष शेलार ने आरोप लगाया है कि मंत्रालय के सामने एक बिल्डर के गेस्ट हाउस में बैठकर राज्य की शहर विकास नियमावली में फेरबदल कर बिल्डरों को फायदा पहुंचाया गया है। इसमें करीब 100 करोड़ रूपए का घोटाला हुआ है।
शेलार ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई को छोड़कर राज्य के सभी शहरों की विकास नियंत्रण नियमावली (यू-डीसीआर) तैयार कराई थी। इसमें जनहित का विचार कर इसका मसौदा तैयार किया गया था। किन्तु नोटिफिकेशन जारी होने से पहले फडणवीस सरकार बदल गई।
मौजूदा महाविकास आघाड़ी सरकार ने विकास नियंत्रण नियमावली में फेरबदल कर बिल्डरों के फायदे के लिए खेल किए। इस बदलाव से शहर कंगाल होंगे लेकिन बिल्डर मालामाल हो जाएंगे।
शहर से गायब होंगे मनोरंजन और खेल के मैदान
पूर्वमंत्री आशीष शेलार में विधानसभा में कहा कि डीसीआर में फेरबदल कर मनोरंजन और खेल के मैदान आदि खत्म कर दिए जाएंगे। जबकि नियमानुसार किसी भी शहर की कुल आबादी की 10 फीसदी जमीन मनोरंजन के मैदान के रूप में आरक्षित होनी चाहिए।
फायर ब्रिग्रेड के नियम के तहत 15 मीटर से ऊंची इमारत बनाने के लिए मुख्य अग्निशमन अधिकारी की अनुमति जरूरी होती है, लेकिन महाआघाड़ी सरकार ने 24 मीटर तक निर्माण कार्य के लिए बिल्डरों को छूट दे दी है।
अब तक किसी भी भूखंड के विकास के लिए दवाखाना, बालवाड़ी, व्यायामशाला और शौचालय आदि अमेनिटी सुविधाएं देनी अनिवार्य थी लेकिन नए शहरी विकास नियंत्रण नियमावली में इसे सरल कर दिया गया है।