फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुरादाबाद: नगर निगम ने पूर्व विधायक को आवंटित भवन कराया खाली, 15 साल से था कब्जा, तीन करोड़ की संपत्ति

Sat, 30 Aug 2025 12:20 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद नगर निगम ने चक्कर का मैदान स्थित भवन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। भवन पूर्व विधायक और तत्कालीन मंत्री के पीए को आवंटित हुए थे। निगम के अनुसार करीब 15 वर्षों से इन पर अवैध कब्जा था। इन भवनों की बाजार कीमत करीब तीन करोड़ रुपये आंकी गई है। 
विज्ञापन
चक्कर के मिलक में भवन खाली कराती नगर निगम की टीम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुरादाबाद नगर निगम ने शुक्रवार को पूर्व विधायक समेत दो आवंटित भवन को कब्जा मुक्त करा लिया। नगर निगम की प्रवर्तन दल और संपत्ति विभाग की टीम ने चक्कर का मैदान स्थित भवन संख्या पांच और सात को खाली कराया। कार्रवाई में विभागीय अधिकारियों के अलावा स्थानीय पुलिस बल भी मौजूद रहा।

विज्ञापन


वर्ष 1978 में भवन संख्या पांच तत्कालीन विधायक दिनेश चंद्र रस्तोगी को आवंटित हुआ था जबकि भवन संख्या सात मोहन लाल शर्मा को दिया गया था जो तत्कालीन मंत्री के पीए रहे थे। दिनेश चंद्र रस्तोगी के निधन के बाद भी यह भवन खाली नहीं किया गया था।

निगम के अनुसार दोनों भवनों पर पिछले 15 वर्षों से अवैध कब्जा था। निगम की ओर से समय-समय पर नोटिस जारी कर इन्हें खाली कराने की चेतावनी दी गई थी लेकिन कब्जाधारियों ने संपत्ति वापस नहीं की।शुक्रवार को नगर आयुक्त के आदेश पर विभागीय अधिकारियों ने दोनों भवनों को कब्जा मुक्त कराकर अपने नियंत्रण में ले लिया।
विज्ञापन


लगभग 220 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बने इन भवनों की अनुमानित बाजार कीमत करीब तीन करोड़ रुपये आंकी गई है। अधिकारियों के मुताबिक भवन पर वर्तमान में उमेश चंद्र रस्तोगी और मनोज शर्मा का कब्जा था। लंबे समय से इन भवनों का उपयोग निजी तौर पर किया जा रहा था जबकि यह नगर निगम की संपत्ति है। अब इन्हें निगम अपने वैध और सार्वजनिक उपयोग में लाएगा।

Trending Videos
विज्ञापन

नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल का कहना है कि अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। नगर निगम की संपत्ति पर कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दस दौरान अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह, अपर नगर मजिस्ट्रेट (द्वितीय), संयुक्त नगर आयुक्त निशा मिश्रा, उप नगर आयुक्त रामपाल सिंह, प्रवर्तन प्रभारी अविनाश कुमार गौतम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें