महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले बगावत के सुर अलापने वाले कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने कहा कि 'मैं पार्टी नहीं छोड़ूंगा चाहे पार्टी कोई भी फैसला ले'। कांग्रेस के पू्र्व प्रदेश अध्यक्ष संजय निरूपम ने एक चैनल के कार्यक्रम में कहा कि वे किसी अन्य पार्टी में नहीं जाना चाहते। साथ ही कहा कि 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान जब उन्हें मुंबई प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाया गया तो उन्हें बहुत दुखी थे। निरूपम ने कार्यक्रम में कहा कि कांग्रेस मौजूदा समय में एक बुरे वक्त से गुजर रही है। ऐेसे में पार्टी में कुछ गलत होगा तो मैं बोलूंगा, 'मैं बेखौफ और बेबाक हूं'।
निरूपम ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि 'मैं राहुल गांधी की मुंबई रैली में शामिल न हो सका इसे लेकर हो रही सभी बातें गलत हैं। एक पारिवारिक कार्यक्रम के चलते मैं व्यस्त था और इस बात की जानकारी मैंने राहुल गांधी को पहले ही दे दी थी। वह मेरे नेता हैं और वह हमेशा ही मेरे लिए एक जैसे रहेंगे'।
वहीं दूसरे ट्वीट में लिखा 'राहुल गांधी की रैलियों में वह निकम्मा क्यों अनुपस्थित था?' हालांकि उन्होंने इस ट्वीट में किसी नेता के नाम का जिक्र तो नहीं किया है। लेकिन अंदाजा लगाने वाले काफी कुछ इस ट्टीट से भांप गए है।
निरुपम के इस ट्टीट ने बवाल मचा दिया है। हालांकि निरुपम ने इस ट्टीट किसी का नाम तो नहीं लिया है, लेकिन उन्होंने इस ट्टीट में निकम्मा किसको कहा है राजनीतिक गलियारों में इसकी अटकलेें लगनी शुरू हो गई है। वही उनके, इस ट्वीट के बाद भीतरी घमासान से घिरी कांग्रेस के लिए फिर फजीहत की स्थिति बन गई है।
गौरतलब है कि संजय निरूपम महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में टिकट बंटवारे को लेकर नाराज थे। उन्होंने पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि कुछ सीटों को छोड़कर महाराष्ट्र में पार्टी की जमानत जब्त होगी। चैनल के कार्यक्रम में संजय ने कहा कि 'मुझे नहीं लगता कि मैं पार्टी छोड़ना चाहता हूं, लेकिन अगर पार्टी में इस तरह चीजें जारी रहेंगी तो मुझे लगता है कि मैं पार्टी में लंबे समय तक नहीं रह पाउंगा'। साथ उन्होंने कहा कि वे चुनाव प्रचार में हिस्सा लेंगे।