महाराष्ट्र के भाजपा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रवक्ता नवाब मलिक की गिरफ्तारी को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से सवाल किए। उन्होंने पूछा कि मलिक को गिरफ्तार करने के बावजूद उनसे इस्तीफा क्यों नहीं मांगा गया। नवाब मलिक को बुधवार को आठ घंटे की पूछताछ के बाद ईडी ने गिरफ्तार किया था।
पुणे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि पहले भी कई नेताओं ने आरोपों का सामना करने के बाद एमवीए सरकार से इस्तीफा दिया है। अब नवाब मलिक को भी इस्तीफा देना चाहिए।
पाटिल ने कहा कि मलिक को अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ एक जमीन से जुड़े मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अगर कोई सरकारी कर्मचारी किसी आपराधिक आरोप में गिरफ्तार होता है तो वह निलंबित होने के साथ ही अपनी नौकरी से भी हाथ धो बैठता है। तो यही नियम मलिक पर लागू क्यों नहीं होता है? मलिक से उनके बॉस इस्तीफा क्यों नहीं मांग रहे हैं? मलिक का इस्तीफा नहीं लेकर सरकार एक आरोपी को बचा रही है और ऐसी स्थिति को भाजपा कभी भी सहन नहीं करेगी।
उन्होंने आगे कहा कि नवाब मलिक को ईडी ने बुधवार को गिरफ्तार कर 3 मार्च तक के लिए कस्टडी में भेजा है। नवाब मलिक पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ एक जमीन से जुड़े मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। वहीं, शुक्रवार को पेट दर्द की परेशानी के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद एमवीए नेताओं ने मलिक के इस्तीफे की संभावना से इनकार कर दिया।
पाटिल ने कहा कि हमारा एक दिवसीय आंदोलन (मलिक के इस्तीफे की मांग को लेकर) राज्य सरकार के लिए चेतावनी थी। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि इस मुद्दे पर हमें अपना विरोध जारी रखना होगा। उन्होंने पूछा कि NCP और शिवसेवा के मंत्रियों के लिए नियम अलग क्यों हैं, जबके उनके ऊपर गंभीर आरोप हैं। पहले संजय
राठौड़ और अनिल देशमुख को अलग-अलग आरोपों में मंत्री पद छोड़ने के लिए कहा गया था। लेकिन मलिक की गिरफ्तारी के बावजूद उनका इस्तीफा क्यों नहीं मांगा जा रहा है?
पिछले साल फरवरी में, राठौड़ ने अपना नाम एक महिला की मौत से जुड़े होने के बाद इस्तीफा दे दिया था, जबकि देशमुख ने अप्रैल में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद इस्तीफा दिया था। देशमुख को बाद में ईडी ने गिरफ्तार किया था।