महाराष्ट्र में आरक्षण के लिए एक मराठा, लाख मराठा की आवाज बुलंद कर लाखों की संख्या में सड़कों पर उतरकर पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की नाक में दम कर देने वाला मराठा समाज एक बार फिर आक्रामक हो गया है। मराठा आरक्षण को लेकर संभाजी ब्रिगेड ने शनिवार को पुणे में प्रेसवार्ता कर सरकार को चेतावनी दी कि आरक्षण नहीं मिला तो मराठा नक्सलवाद की राह पर चल पड़ेंगे।
महाराष्ट्र में मराठा समुदाय को आरक्षण देने की मांग लंबे समय से हो रही है। साल 2018 में राज्य सरकार ने कानून बनाया और मराठा समाज को शिक्षा संस्थान और सरकारी नौकरियों में 16 फीसदी आरक्षण दे दिया। जून 2019 में बांबे हाईकोर्ट ने शिक्षा में 12 फीसदी और नौकरी में 13 फीसदी आरक्षण तय किया।
हाईकोर्ट ने कहा कि अपवाद के तौर पर सुप्रीम कोर्ट आरक्षण की सीमा पार की जा सकती है। उसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट गया तो इंदिरा साहनी केस या मंडल कमीशन का हवाला देते हुए तीन जजों की बेंच ने साल 2020-2021 के लिए शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण पर रोक लगा दी।