महाराष्ट्र में जारी कोरोना के कहर के बीच राज्य सरकार ने उन ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने का आदेश दिया है, जिन ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है या जिन ग्राम पंचायतों का कार्यकाल दिसंबर में समाप्त होने वाला है। इसे लेकर सूबे की सियासत गर्म हो गई है।
भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार का कहना है कि जिस तरह से राज्य में कृषि मंडी समितियों के अध्यक्षों व निदेशकों का कार्यकाल बढ़ाया गया। जिला सहकारी बैंक, पतसंस्था और सहकारी संस्थाओं का कार्यकाल बढ़ा, उसी तर्ज पर सरपंचों का भी कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए।
राज्य के ग्राम विकास मंत्री हसन मुश्रिफ ने कहा कि 14,234 ग्राम पंचायतों में प्रभारी मंत्रियों की सलाह पर प्रशासक नियुक्त करने का फैसला किया गया है। ग्राम पंचायतों में उसी श्रेणी (एससी, एसटी, ओबीसी, महिला और सामान्य) का नियुक्त होगा, जिसके लिए सरपंच की सीट आरक्षित है।
महाराष्ट्र के 19 जिलों में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल अप्रैल से जून के बीच समाप्त हो चुका है, जबकि 12,668 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल जुलाई से दिसंबर के बीच समाप्त होने वाला है।