फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाराष्ट्रः प्रवासी ट्रेन के किराए को लेकर सत्ता-विपक्ष के नेता भिड़े

Fri, 29 May 2020 08:29 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विज्ञापन
श्रमिक स्पेशल ट्रेन - फोटो : PTI (फाइल फोटो)
विज्ञापन

प्रवासी श्रमिकों के रेल किराए को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के हलफनामे के बाद महाराष्ट्र में एक बार फिर सत्तापक्ष और विपक्ष के नेता आपस में भिड़ गए हैं।

विज्ञापन

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने इस मामले में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील से माफी मांगने की मांग की है जबकि भाजपा विधायक आशीष शेलार ने पलटवार करते हुए सावंत पर झुठ बोलने का आरोप लगाया है।  

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सावंत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के महाधिवक्ता तुषार मेहता ने हलफनामा देकर कहा है कि प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक भेजने के लिए रेल किराया राज्य सरकारों ने भरा है।
विज्ञापन


इससे भाजपा का झूठ सामने आ गया है। इसलिए प्रवासियों के रेल किराए का 85 फीसदी केंद्र सरकार वहन करने का दावा करने वाले चंद्रकातं पाटील माफी मांगे।

सावंत ने कहा कि महाधिवक्ता मेहता द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे से स्पष्ट हो गया है कि प्रवासी मजदूरों के किराए के लिए केंद्र सरकार ने एक पैसा खर्च नहीं किया है।

वहीं, एनसीपी नेता व प्रदेश के गृहनिर्माण मंत्री जीतेंद्र आव्हाड ने इसको लेकर भाजपा नेताओं की आलोचना की है। उन्होंने ट्विट कर कहा कि आज तक भाजपा लोगों को मूर्ख बना रही थी।

कांग्रेस प्रवक्ता सावंत झूठ बोलने की फैक्टरीः शेलार

कांग्रेस के आरोप के जवाब में भाजपा विधायक व पूर्वमंत्री आशीष शेलार ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत झूठ बोलने की फैक्टरी हैं। उनका नाम सार्वजनिक फर्जी प्रेसनोट जारी करने वाले नेताओं में शामिल होगा।

शेलार ने कहा कि एक ट्रेन चलाने के लिए करीब 30 से 35 लाख रुपये खर्च होते हैं। रेलवे की स्लीपर सीट के किराए पर रेलवे सब्सिडी देती है।

राज्य सरकार जो किराया वहन कर रही है और केंद्र सरकार श्रमिक विशेष ट्रेन चलाने पर जो खर्च करती है, उसका औसत 85 व 15 फीसदी का होता है, यानि 85 फीसदी  केंद्र व 15 फीसदी राज्य सरकार ने वहन किया है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें