महाराष्ट्र में तीन दलों (शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी) की महाविकास आघाड़ी सरकार के बीच अंदरखाने मतभेद बढ़ गया है। हालांकि सरकार में अनबन के बीच एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार एक बार फिर सरकार के तारणहार बनकर सामने आए।
शिवेसना प्रवक्ता व सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार में कोई मतभेद नहीं है। सरकार के घटक दलों में भी कोई अविश्वास नहीं है।
कोरोना संकट के कारण थोड़ा संवाद कम हुआ है, इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार में मतभेद है।
पवार ने विश्वास जताया है कि सरकार पांच साल चलेगी। राउत ने कहा कि मैंने प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष तथा राजस्व मंत्री बाला साहब थोराट से भी कुछ मुद्दों पर चर्चा की है। मुझे नहीं लगता है कि मुंबई में 10 पुलिस उपायुक्तों के तबादले को लेकर मुख्यमंत्री को अंधेरे में रखा गया था।
तबादले का मुद्दा खत्म हो गया है। वहीं, पार्षदों के मुद्दे पर उन्होंन कहा कि यह स्थानीय राजनीति का मामला है। हमें नहीं लगता कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शिवसेना के पार्षदों को तोड़ा है।
शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार का साक्षात्कार लिया है। यह साक्षात्कार शनिवार से शिवसेना के मुखपत्र में तीन किश्तों में प्रकाशित होगा। यह टीवी चैनलों पर भी प्रसारित होगा।
राउत ने कहा कि यह साक्षात्कार ऐतिहासिक होगा। राज्य में नई सरकार बनने के बाद हमने तय किया था कि पुणे में पवार का सार्वजनिक साक्षात्कार लिया जाएगा। लेकिन राजनीतिक गतिविधियों के कारण यह संभव नहीं हो पाया था।
राउत ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के जन्मदिन पर 27 जुलाई को उनका साक्षात्कार लेने वाला हूं। इसके अलावा केंद्रीय स्तर के नेताओं के भी साक्षात्कार लूंगा।