वैश्विक महामारी कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र में आम नागरिकों के साथ ही पुलिसकर्मियों पर भी कोरोना की जबर्दस्त मार पड़ी है। महाराष्ट्र में पुलिसकर्मियों के बारे में ताजा जानकारी सामने आई है कि देश में कोरोना संक्रमण से मरने वाला हर दूसरा पुलिसकर्मी महाराष्ट्र का है।
एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी द्वारा गठित गैरसरकारी संस्था इंडियन पुलिस फाउंडेशन की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। देश के किसी राज्य की तुलना में महाराष्ट्र में न सिर्फ सबसे ज्यादा (करीब 17000) कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है, बल्कि पुलिसकर्मियों की भी सबसे ज्यादा जान गई है।
अगर देश में दो पुलिसकर्मी मरे हैं तो एक महाराष्ट्र का है। देश के पांच राज्यों में सबसे ज्यादा पुलिसकर्मी कोरोना से संक्रमित हुए हैं, जिसमें महाराष्ट्र पहले क्रमांक पर है।
इससे राज्य के पुलिसबल में तनाव साफतौर पर देखा जा रहा है। महाराष्ट्र में अब तक 1026 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित हुए हैं, जिसमें से 4,391 सीआरपीएफ के जवान हैं। इनमें से 8,060 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमण से मुक्त हुए हैं और 108 की मौत हुई है।
इनमें से अकेले मुंबई में 4,044 संक्रमित हुए, जिसमें से 3,324 पुलिसकर्मी कोरोना को मात दे चुके हैं। वहीं, मुंबई में 55 पुलिसकर्मियों की मृत्यु हुई है। देश के अन्य राज्यों में पुलिसकर्मियों के कोरोना संक्रमित होने के मामले में दूसरा क्रमांक आंध्र प्रदेश का है, जहां 3600 पुलिसकर्मी संक्रमित हुए हैं।
इसके अलावा तमिलनाडु में चार हजार कोरोना संक्रमित पाए गए हैं जिसमें से 2,941 बीएसएफ के जवान हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी डी.शिवानंदन के अनुसार कर्नाटक और तमिलनाडु में पुलिसकर्मियों के संक्रमित होने का आंकड़ा कम पेश किया गया है।
महाराष्ट्र में 81 फीसदी है पुलिसकर्मियों की रिकवरी दर
महाराष्ट्र पुलिसकर्मियों के कोरोना संक्रमित होने के बाद स्वस्थ होने का औसत यानि रिकवरी दर 81 फीसदी है, जबकि मृत्युदर 1.1 फीसदी है। महाराष्ट्र में अभी तक 97 पुलिस कांस्टेबल और 11 पुलिस अधिकारियों की कोरोना से मौत हो चुकी है। अहमदनगर के पुलिस कांस्टेबल संजय पोटे सबसे कम उम्र 31 वर्ष रहे, जिनकी कोरोना संक्रमण से मौत हुई है।
तनाव के चलते मधुमेह और हाइपरटेंशन के हैं मरीज
पूर्व पुलिस अधिकारी डी. शिवानंदन का कहना है कि राज्य के पुलिसकर्मी ज्यादा तनाव में होते हैं। इसलिए वह जल्द मधुमेह और हाइपरटेंशन बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए अधिकतर 37 से 43 के बीच में मौत के शिकार हो रहे हैं।
कोरोना के चलते महाराष्ट्र में जिन पुलिसकर्मियों की जान गई है, उनमें अधिकतर की कंटेनमेंट जोन में ड्यूटी लगी थी। पहले से ही तनाव और बीमारी से पीड़िता रहे ज्यादातर पुलिसकर्मी कोरोना की चपेट में आ गए।