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Coronavirus Test in Maharashtra: महाराष्ट्र में निजी प्रयोगशालाओं के सैंपल एकत्र करने पर लगी रोक

Wed, 01 Apr 2020 09:25 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सार

  • -जांच किट के अभाव और मानक पर खरा नहीं उतरने के कारण दिए गए आदेश
  • पिछले सप्ताह 43 निजी प्रयोगशालाओं को जांच करने की दी गई थी अनुमति
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महाराष्ट्र में कोरोना वायरस टेस्ट - फोटो : सांकेतिक
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विस्तार
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महाराष्ट्र के निजी प्रयोगशालाओं में कोविड-19 की जांच पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। निजी प्रयोगशालाओं से कह दिया गया है वे जांच के लिए नमूनों का संग्रह न करें।

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मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकनी ने कहा कि निजी प्रयोगशालाओं में पर्याप्त परीक्षण किट का अभाव है, इसलिए राज्य के 10 निजी प्रयोगशालाओं को पत्र भेजकर नमूना संग्रह करने से मना किया गया है।

बीएमसी अतिरिक्त आयुक्त ने कहा कि कोविड-19 के परीक्षण के लिए निजी प्रयोगशालाओं को अनुमति देने के साथ ही जांच के मानकों पर खरा उतरने की शर्तें भी रखी गई थीं। लेकिन उन शर्तों का उलंघन हो रहा है। इसलिए निजी प्रयोगशालाओं को सलाह दी गई है कि जांच किट उपलब्ध होने पर ही नमूने एकत्रित किए जाएं।
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निजी प्रयोगशाला में कोरोना जांच रोके जाने पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बुधवार को सफाई दी। उन्होंने कहा कि कुछ निजी प्रयोगशालाओं में कोविड-19 की पॉजिटिव रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है। इससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसके अलावा कई निजी लैब कोरोना के संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट समय पर नहीं दे पा रही हैं।

इसके चलते फिर से सरकारी लैब में उसकी जांच करनी पड़ रही है। टोपे ने कहा कि इसके मद्देनजर निजी प्रयोगशालाओं को कोरोना वायरस की जांच के लिए मना किया जाएगा।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के अनुसार निजी प्रयोगशालाओं में सोमवार को 1,334 नमूने के परीक्षण किए गए। वहीं, मंगलवार को, 42,788 नमूनों में से निजी प्रयोगशालाओं में केवल 399 नमूनों की जांच की गई थी।

देश में कोरोना वायरस के मामले में महाराष्ट्र टॉप राज्यों में से शुमार है। यहां 31 मार्च तक 302 कोविड-19 मरीजों की संख्या दर्ज की जा चुकी है।

पिछले सप्ताह 43 निजी लैब्स को दी गई थी जांच की इजाजत

देश में कोविड-19 के जांच के दायरे को बढ़ाने के लिए पिछले सप्ताह 43 निजी प्रयोगशालाओं को जांच करने की अनुमति दी गई थी। इन प्रयोगशालाओं में 16 हजार सैंपल कलेक्शन सेंटर हैं, लेकिन अधिकांश में परीक्षण किट की खरीद में मुश्किल हो रही है।

माइलैब एकमात्र कंपनी है जो इन जांच किट्स की आपूर्ति कर रही है। लेकिन वह मांग को पूरा नहीं कर पा रही है।

जांच किट्स की कीमत बढ़ने से आपूर्ति में देरी

कोवड-19 जांच किट्स बेचने के लिए जिन अन्य तीन कंपनियों को लाइसेंस मिला है, वे हैं अल्टोना डायग्नोस्टिक्स, सीजेन और बायोसेंसर। लेकिन इसकी वैश्विक मांग अधिक हो गई है। इसके कारण आपूर्ति बाधित हो गई है। इस बीच जांच किट्स की कीमतों में भी बढ़ोत्तरी हुई है।

यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में इन किटों की कीमत 50 डॉलर है जबकि भारत में इसकी कीमत लगभग 20 डॉलर है। देश में इसकी कीमत कम होने के कारण भी आपूर्ति में देरी हो रही है। वहीं, आईसीएमआर ने भी स्वीकारा है कि निजी लैब के लिए किट प्राप्त करना मुश्किल है।

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