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महाराष्ट्र: बाघिन अवनी की मौत के बाद, आदमखोर मारने के लिए नहीं रखे जाएंगे किराए के शिकारी

Sat, 12 Jan 2019 09:21 AM IST
Shani Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
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महाराष्ट्र पशु कल्याण बोर्ड फैसला ने किया है कि समस्या बन चुके जानवरों को शिकारी के हवाले नहीं किया जाएगा। यह प्रस्ताव भाजपा सांसद पूनम महाजन की अध्यक्षता वाली 20 सदस्यों वाली कमेटी ने पारित किया है। समिति की सदस्य और वकील अंबिका हीरानंदानी ने यह मुद्दा उठाया था।

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लगभग दो महीने पहले ही राज्य में टी-1 या अवनी के नाम से जानी जाने वाली मादा बाघ को नर भक्षी हो जाने के शक में मार गिराया गया था। जिसके बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। माना जा रहा है कि तह फैसला भविष्य में ऐसे ही विवाद से बचने के लिए लिया गया है।

वकील हीरानंदानी ने कहा कि पशु कल्याण बोर्ड ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर मौन नहीं रह सकता। अवनी जैसी घटना दोबारा न हो इस बात का निर्णय बहुमत से लिया गया है। कर्मचारियों को शेड्यूल एक में शामिल जानवरों को बेहोश करने और उनकी सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। भविष्य में मानव-पशु विवाद होने पर कोई भी भाड़े का शिकारी नहीं नियुक्त किया जाएगा।
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पशु कल्याण समूहों ने भी बोर्ड के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा है कि वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो पर जानवरों की सुरक्षा के लिए निर्भर नहीं रहा जा सकता। अवनी के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में जाने वाले ईस्ट ब्रिज फाउंडेशन की सरिता सुब्रमण्यम के मुताबिक वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के कानून बहुत ही कमजोर है। 
 
बता दें कि महाराष्ट्र के यवतमाल में कथित तौर पर 13 लोगों को मारने वाली बाघिन अवनी को को 2 नवंबर 2018 को मार दिया गया था। बाघिन के शिकार के लिए 100 से अधिक कैमरों का सहारा लिया गया था। इसके लिए पेड़ पर नकली घोड़े और बकरियों को बांधा गया जिस पर कैमरे लगाए गए थे। साथ ही पेड़ों और पेट्रोलिंग गाड़ियों से नजर रखी गई थी। मौत के बाद बाघिन अवनी का पोस्टमॉर्टम भी किया गया था।

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