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सीधी: वन्यजीव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, तेंदुए की खाल से लेकर जिंदा कछुए तक बरामद; 13 गिरफ्तार

Thu, 10 Sep 2026 06:33 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीधी

सार

सीधी में वन्यजीव तस्करी गिरोह के खिलाफ 10 दिन में छह कार्रवाई कर 13 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से तेंदुए की खाल, जिंदा कछुए, टोके गेको, पैंगोलिन के शल्क और बाघ की हड्डियां बरामद हुईं। नेटवर्क छह राज्यों तक फैला है।

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राजस्व खुफिया निदेशालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने वन विभाग और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के साथ मिलकर 10 दिन के भीतर छह बड़ी कार्रवाइयां कीं। कार्रवाई में वन्यजीवों के अंगों और दुर्लभ जीवों की तस्करी करने वाले गिरोह के 13 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से तेंदुए की दो खाल, 180 जिंदा इंडियन स्टार कछुए, 12 जिंदा टोके गेको, करीब 24 किलो पैंगोलिन के शल्क और 500 ग्राम बाघ की हड्डियां बरामद की गईं। तस्कर कछुओं को कपड़े की छह थैलियों में छिपाकर ले जा रहे थे। तस्करी के लिए थार और बोलेरो जैसी गाड़ियों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

छह राज्यों तक फैला था तस्करों का नेटवर्क

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मध्यप्रदेश के सीधी में 5 सितंबर को थार गाड़ी से दो युवकों को तेंदुए की खाल के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि तेंदुए का शिकार मऊगंज जिले की हनुमना तहसील के धनुहीनार गांव में किया गया था। इस मामले में मऊगंज के बीरादेही निवासी अनमोल सिंह, नन्हीं गांव निवासी अभिषेक सिंह और लल्लन सिंह को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि लल्लन आदिवासी है और अभिषेक सिंह के फार्म हाउस के पास तार और खूंटी का फंदा लगाकर तेंदुए का शिकार करता था। जांच दल ने शिकार में इस्तेमाल खूंटी, तार और चाकू भी बरामद किए हैं।

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एक करोड़ रुपये तक में हो रही थी खाल की डील

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तस्करों द्वारा सीधी के एक होटल और मैरिज गार्डन में तेंदुए की खाल बेचने की चर्चा की जा रही थी। खरीदार को खाल दिखाते समय 30 लाख, 40 लाख और एक करोड़ रुपये तक के सौदे की बातचीत होने की जानकारी सामने आई है। जांच दल के अनुसार, दो तेंदुओं की खाल होने की सूचना मिली थी, लेकिन मौके से एक ही खाल बरामद हो सकी। दूसरी छोटी खाल की तलाश में अभियान जारी है। आरोपियों पर शक होने के बाद थार गाड़ी में रखी खाल दिखाने को कहा गया। इसके बाद जांच दल ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

यूपी से दिल्ली तक फैले तस्करी के तार
जांच में गिरोह का नेटवर्क मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली तक फैला होने की जानकारी सामने आई है। पूछताछ में उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी सुंदरम को पूरे तंत्र का मुख्य सूत्रधार बताया गया है। इसके अलावा नागपुर निवासी अंजली नागपाल और दिल्ली निवासी राम बिहारी के नाम भी सामने आए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पूरे गिरोह को ध्वस्त करने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया गया है। देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। गिरोह से जुड़े ठिकानों पर लगातार छापेमारी भी जारी है।

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