मध्य प्रदेश के बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में झामुमो ने भाजपा सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पार्टी ने संबंधित मंत्री के इस्तीफे और मृत बच्चों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
मध्य प्रदेश के बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। झामुमो ने घटना के लिए सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार बताते हुए संबंधित मंत्री के इस्तीफे और मृत बच्चों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और बालाघाट के कलेक्टर से जवाब मांगा है।
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'भाजपा की कथनी और करनी में अंतर'
गुरुवार को प्रदेश झामुमो कार्यालय में आयोजित वार्ता में विधायक सुदीप गुड़िया और लुईस मरांडी ने कहा कि यदि सरकार समय रहते स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर होती तो बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आदिवासियों के हितों की अनदेखी कर रही है। भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। आदिवासी समाज के विकास को लेकर सरकार की नीयत स्पष्ट नहीं है।
बच्चों की मौत की घटना बेहद गंभीर
झामुमो नेताओं ने कहा कि बच्चों की मौत की घटना बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने मृत बच्चों के परिवारों को तत्काल 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की।
झामुमो झारखंड में चरणबद्ध आंदोलन करेगा
मीडिया के समक्ष झामुमो विधायकों ने केंद्र सरकार के खान एवं खनिज से संबंधित संशोधन विधेयक को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के खिलाफ झामुमो झारखंड में चरणबद्ध आंदोलन करेगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में इस मुद्दे को लेकर व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। झामुमो ने कहा कि आदिवासी हितों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी किसी भी स्तर पर पीछे नहीं हटेगी।