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मध्यप्रदेश के गेहूं उत्पादक किसानों को सबसे ज्यादा हानि पहुंचाएंगे नए कानून: कमलनाथ

Sun, 21 Feb 2021 06:30 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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नए कृषि कानूनों को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार को केंद्र सरकार पर हमला बोला। दरअसल, उन्होंने दावा करते हुए कहा कि नए कृषि कानूनों के प्रावधानों से सबसे बड़ा नुकसान राज्य के गेहूं उत्पादक किसानों को होगा।

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कमलनाथ ने यहां कांग्रेस के संभागीय कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा, "मध्य प्रदेश आज गेहूं उत्पादन में देशभर में शीर्ष पायदान पर है और पंजाब को पहले ही पीछे छोड़ चुका है। नए कृषि कानूनों से सबसे ज्यादा नुकसान मध्य प्रदेश के गेहूं उत्पादक किसानों को होगा।"

उन्होंने कहा कि नए कृषि कानूनों से औने-पौने दामों पर गेहूं की निजी खरीद को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों को सरकार का घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य नसीब नहीं हो सकेगा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके कमलनाथ ने यह दावा किया कि नए कानूनों के अमल में आने के बाद ठेका खेती करने वाले किसान बड़े उद्योगपतियों के "बंधुआ मजदूर" बनकर रह जाएंगे।
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कमलनाथ ने केंद्र और राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा पर आरोप दोहराया कि वह हमेशा बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की राजनीति करती है। उन्होंने कहा, "अगर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए जाने हैं, तो इससे ठीक पहले राम मंदिर के लिए चंदा जुटाने का अभियान शुरू कर दिया जाता है ताकि जनता का ध्यान बांटा जा सके।"

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कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बोले, आप धारावाहिकों के दर्शकों के बूते चुनाव जीतते हैं

कमलनाथ ने दर्शकों की अभिरुचि के आधार पर पार्टी की चुनावी जीत के समीकरणों की रविवार को अनूठी व्याख्या की। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि वे समाचारों के नहीं, बल्कि धारावाहिकों के दर्शकों के बूते चुनाव जीतते हैं।

कमलनाथ ने यहां कांग्रेस के संभागीय कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा, 'जो लोग समाचार देखते हैं, उनके वोट से आप चुनाव नहीं जीतते। जो लोग सीरियल देखते हैं, आप उनके वोट से चुनाव जीतते हैं। (दर्शक वर्ग के) केवल दो-तीन प्रतिशत लोगों को राजनीति से मतलब है।'

गौरतलब है कि प्रदेश में मार्च-अप्रैल के दौरान नगरीय निकायों के चुनाव संभावित हैं और कांग्रेस के संभागीय कार्यकर्ता सम्मेलन को इन चुनावों को लेकर सूबे के प्रमुख विपक्षी दल की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे 'समय के परिवर्तन' को पहचानते हुए स्वीकार करें और इसके मुताबिक जनता के बीच पार्टी की विचारधारा पहुंचाएं। कमलनाथ ने कहा, 'सूबे में आज कांग्रेस का मुकाबला भाजपा से नहीं, बल्कि भाजपा के संगठन, धन बल और प्रशासनिक दबाव से है। आप निडर होकर इनका मुकाबला करें।'
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