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व्यापम का खुलासा करने वाले के पीछे पड़ी सरकार

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मध्यप्रदेश के व्यापम घोटाले की जांच बेशक अब सीबीआई के हाथों में आ गई हो लेकिन इसी के साथ ही इस कुख्यात घोटाले का खुलासा करने वालों की मुसीबतें भी बढ़ गई हैं।
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प्रदेश सरकार अब व्यापम के व्हिसलब्लोअर के पीछे पड़ गई है। हालिया घटनाक्रम में प्रदेश सरकार ने प्रमुख व्हिसलब्लोअर डा. आनंद राय और उनकी पत्नी डा. गौरी राय का तबादला कर दिया है।

वहीं तबादले के खिलाफ डॉक्टर राय ने कोर्ट जाने का ऐलान कर दिया है उनका कहना है कि सरकार जानबूझकर उन्हें प्रताड़ित करना चाहती है।

पूर्व में आनंद की पत्‍नी को कर दिया गया था सस्पेंड

अभी तक डॉक्टर दपंति इंदौर जिले में ही कार्यरत थी लेकिन अब दोनों का ट्रांसफर अलग अलग जिलों के लिए कर दिया गया है। डा. आनंद राय को चिकित्सा विभाग के ट्रेनिंग सेंटर में मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे, वहां से उनका तबादला धार के लिए कर दिया गया है।

हालांकि बताया ये जा रहा है कि पूर्व में डा. राय की नियुक्ति धार के सिविल हॉस्पिटल में ही थी जहां से उन्होंने अपना अटैचमेंट इंदौर में करवा रखा था। जिसे सरकार ने अब रद करते हुए उन्हें वापस जाने के आदेश दे दिए हैं।

वहीं उनकी पत्‍नी डा. गौरी भी इंदौर के निकट महू के सरकारी अस्पताल में तैनात थी जहां से उनका ट्रांसफर उज्जैन के लिए कर दिया गया है। बताते चलें कि डा. गौरी को गत जनवरी में स्वास्‍थ्य विभाग ने बिना कारण बताए सस्पेंड कर दिया था।
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बोले आनंद- बदले के लिए की गई कार्रवाई

जिसके बाद कोर्ट का सहारा लेकर उन्होंने अपना निलंबन वापस कराया तो उनका ट्रांसफर उज्जैन के लिए कर दिया गया।

डा. गौरी का कहना है मेडिकल डिपार्टमेंट के नियमों में स्पष्ट उल्लेख है कि पति पत्‍नी दोनों अगर एक ही विभाग में कार्यरत हैं तो उनका ट्रांसफर अलग अलग जिलों में नहीं किया जा सकता, लेकिन उनके मामले में सरकार ने सभी नियमों को ताक पर रख दिया।

वहीं उनके पति डा. राय का आरोप है कि उन्होंने बीते दिनों व्यापम मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री विक्रम वर्मा के खिलाफ सीबीआई से शिकायत की थी की उन्होंने गाजियाबाद से एमबीबीएस कर रही अपनी बेटी का ट्रांसफर गलत तरीके से भोपाल में करवाया है। इसी का बदला लेने के लिए सरकार ने उनका ट्रांसफर कर दिया।
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