पीपुल्स कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस और रिसर्च, भोपाल
व्यापम घोटाला केस में आरोपी पीपुल्स कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस और रिसर्च के दाखिला कमिटी के सदस्य विजय कुमार पाण्डेय को आत्मसमर्पण के बाद जेल भेज दिया गया। आरोपी पाण्डेय ने स्पेशल सीबीआई कोर्ट के सामने सरेंडर किया जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इससे पहले पिछले दिसंबर में हाईकोर्ट ने
व्यापम घोटाले के सात रसूखदार आरोपियों कि अग्रिम जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया और उन्हें सरेंडर किए बिना अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि व्यापम ऐसा घोटाला है जिसमें आरोपियों ने भले ही किसी की जान नहीं ली हो, लेकिन अगर आरोप साबित हुए तो सैकड़ों छात्रों के भविष्य की सामूहिक हत्या का केस चलेगा।
साल 2012 में व्यापम घोटाला के नाम से कुख्यात पीएमटी दाखिला में फर्जीवाड़ा हुआ था। हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई के दौरान तल्ख टिप्पणी में कहा था कि मेडिकल कॉलेज के संचालकों के कृत्यों और व्यापम जैसे बड़े घोटाले की वजह से हजारों योग्य छात्र मेडिकल सीटों पर दाखिले से वंचित हो गए और अयोग्य छात्र पैसे के बल पर सीट हासिल करने में कामयाब हो गए।