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व्यापमं घोटालाः चार दिन, चार मौत और चार सवाल?

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मध्यप्रदेश के कुख्यात व्यापमं घोटाले में पिछले चार दिनों में रहस्यमयी रूप से चार मौतें हो चुकी हैं। हर मौत अपने पीछे अनसुलझे सवाल छोड़ गई है जिनका जवाब शायद ही कोई दे पाए। क्योंकि अब से पहले हुई दर्जनों मौतों का भी आज तक कोई जवाब नहीं ढूंढ पाया है।
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एसआईटी और एसटीएफ जांच करती है लेकिन जवाब नहीं ढूंढ पाती। सरकार हर मौत पर जांच का आश्वासन देती है लेकिन जवाब नहीं। चार दिन पहले व्यापमं कवर करने मध्यप्रदेश गए दिल्ली के पत्रकार अक्षय की मौत हो गई लेकिन कैसे नहीं पता, अगले दिन जबलपुर मेडिकल कालेज के डीन डा. अरुण शर्मा दिल्ली के होटल में मरे मिले तो अगले दिन ट्रेनी महिला सब इंस्पेक्टर ने तालाब में कूद कर जान दे दी।

तीन दिन में हुई तीन मौतों को लोग अभी समझ भी पाते कि साोमवार सुबह एक और मौत की मनहूस खबर आ गई। जब एक कांस्टेबल ने मध्यप्रदेश के ओरछा में पंखे से लटककर जान दे दी। हर मौत अपने पीछे कई सवाल खड़े करती है।
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खड़े-खड़े हो गई पत्रकार अक्षय की मौत

एक न्यूज चैनल के पत्रकार अक्षय सिंह व्यापमं घोटाले से जुड़े मामलों में खबरों की तलाश में मध्यप्रदेश गए थे, लेकिन खुद ही एक खबर बन कर रह गए। शरीर से स्वस्‍थ और चुस्त दुरुस्त अक्षय व्यापमं घोटाले में मौत के दो साल बाद आरोपी बनाई गई मेडिकल की छात्र नम्रता दामोर के पिता का 4 जुलाई को इंटरव्यू करने गए थे तभी अचानक उनके मुंह से झाग आने लगे और उन्होंने कुछ ही घंटों बाद दम तोड़ दिया।

पहले उचित इलाज और फिर पोस्टमार्टम के लिए अक्षय की मृत देह मध्यप्रदेश से गुजरात तक के चक्‍कर काटती रही। अक्षय की मौत पर हल्ला मचने के बाद सामने आए शिवराज ने एसआईटी से जांच कराने की बात तो कही लेकिन यह कहने से भी नहीं चूके कि यह सामान्य मौत है।

सवालः अक्षय की मौत बेहद रहस्‍मयी परिस्थितियों में हुई, ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि एक ऐसा व्यक्ति जिसे कोई गंभीर बीमारी भी न हो और उसे कोई चोट भी न हो वो अचानक कुछ ही घंटों में कैसे मौत के मुंह में समा सकता है।

दिलचस्प ये भी है कि किसी पूरी तरह स्वस्‍थ व्यक्ति के मुंह से अचानक झाग आना और फिर मौत के मुंह में जाना किसी के गले नहीं उतर रहा। पोस्टमार्टम में भी डॉक्टर मौत की वजह का पता नहीं लगा पाए।

कमरे में मृत मिले मेडिकल कालेज के डीन अरुण शर्मा

अक्षय की मौत के अगले दिन ही व्यापमं से जुड़ी मौत की एक और खबर आ गई जब मध्यप्रदेश के जबलपुर मेडिकल कालेज के डीन डा. अरुण शर्मा दिल्‍ली के एक होटल में अपने कमरे में मरे पड़े मिले। पुलिस और डॉक्टर प्राथमिक जांच में ज्यादा शराब पीने को मौत का कारण बता रहे हैं।

वो एमसीआई की ओर से निरीक्षण के लिए दिल्‍ली से अगरतला जाने वाले थे। डा. अरुण शर्मा की मौत भी रहस्यमय परिस्थितियों में हुई। शराब से उल्टी लगने के कारण उनकी मौत हुई। बताया जाता है कि उन्होंने दो दिन पहले ही व्यापमं से जुड़े काफी दस्तावेज एसटीएफ को सौंपे थे।

सवालः डा. अरुण शर्मा के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद डॉक्टर मौत के बारे में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके हैं। हालांकि उनके घरवाले उन्हें किसी गंभीर बीमारी के होने का जिक्र तो करते हैं लेकिन बीमारी क्या है इस बारे में वो नहीं बता पाते।

सवाल ये भी है कि अगर उन्हें कोई गंभीर बीमारी थी भी तो घरवालों ने कैसे उन्हें अकेले इतनी दूर आने दिया। बीमारी के बावजूद वो कैसे अकेले इतना लंबा सफर तय कर रहे थे।

डा. अरुण की मौत पर सवाल इसलिए भी खड़े होते हैं कि उनसे पहले उसी मेडिकल कालेज के डीन रहे डा. डीके साकल्ले ने ठीक एक साल पहले इसी दिन रहस्यमयी परस्थितियों में अपने घर में आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

घर में ही फांसी पर झूल गई ट्रेनी सब इंस्पेक्टर

पत्रकार और डॉक्टर की मौत पर अभी देशभर में हल्ला मचना ही शुरू हुआ था कि लोग उस समय हैरत में पड़ गए जब व्यापमं मामले में एक संदिग्‍ध महिला ट्रेनी सब इंस्पेक्टर अनामिका कुशवाहा ने सागर में पुलिस एकेडमी के सामने बने तालाब में कूदकर कथित रूप से अपनी जान दे दी।

उनका शव तालाब में तैरता मिला। अनामिका की मौत पर कहा जा रहा है कि उन्होंने गृह कलह से तंग आकर अपनी जान दी है लेकिन उनके पति ने इन सभी बातों का खंडन करते हुए कहा है कि वह दोनों अपनी जिंदगी से पूरी तरह संतुष्ट थे।

सवालः बीती मौतों की तरह अनामिका की मौत भी अपने पीछे कई सवाल छोड़ रही है। सबसे बड़ा सवाल तो ये ही है कि न अनामिका को किसी ने तालाब की ओर जाते देखा न उसकी बातों से किसी को यह अहसास ही हो पाया कि वह कोई ऐसा कदम उठा सकती है फिर अचानक आत्महत्या की बात कहां से आ गई।

दूसरा तालाब में शव मिलने के बाद बिना जांच के ही मामले को खुदकुशी से जोड़ दिया गया जबकि मामला आत्महत्या का भी हो सकता है। पुलिस बता रही है कि अनामिका ने आत्महत्या घरेलू कलह के कारण की लेकिन उसके पति ने इन बातों को झुठला दिया है।
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कमरे में पंखे से लटका मिला कांस्टेबल

लगातार तीन मौतों के बाद मध्यप्रदेश के ओरछा से फिर एक मनहूस खबर आ गई जब सोमवार सुबह एक कांस्‍टेबल ने अपने कमरे में पंखे से झूलकर आत्महत्या कर ली। रमाकांत पांडे नाम का यह कांस्टेबल को भी व्यापमं मामले में आरोपी बनाया गया ‌था।

उनके शव की अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है लेकिन उनकी मौत की गुत्‍थी भी अभी उलझी हुई दिख रही है। बताया जा रहा है कि एसटीएफ ने कुछ दिन पूर्व ही उनसे पूछताछ की थी।

सवालः पांडे की मौत के बाद उनके परिजन मामले में कुछ भी मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं। लेकिन सवाल फिर वही है कि ऐसी क्या वजह रही है कि पुलिस के एक सिपाही को मौत जैसा बड़ा कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा।

पुलिस कह रही है कि रमाकांत को शराब की लत थी ऐसे में यह बात गले उतरना मुश्किल ही है कि शराब के नशे में कोई व्यक्ति फांसी पर झूल जाए और किसी को पता भी न लगे।

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