उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर महादेव।
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उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर
उज्जैन जिले के प्रसिद्ध महाकालेश्वर धाम में नागचंद्रेश्वर मंदिर स्थित है। ये मंदिर सालभर में केवल एक दिन यानि की नागपंचमी के दिन सिर्फ 24 घंटों के लिए खुलता है। मंदिर के पट नागपंचमी लगते ही रात के 12 बजे से खुल जाते हैं और नागपंचमी की रात को 12 बजते ही सालभर के लिए बंद कर दिए जाते हैं। नागपंचमी के दिन यहां देश के कोने-कोने से श्रद्धालु भगवान शिव की इस दुर्लभ प्रतिमा के दर्शन करने आते हैं।
कहा जाता है मंदिर में स्थित ये प्रतिमा नेपाल से लाई गई थी। भगवान शिव की ऐसी प्रतिमा देश में कहीं और नहीं है। प्रतिमा 11वीं सदी की बताई जाती है। मंदिर में स्वयं नागराज तक्षक के निवास की बात भी कही जाती है। प्रतिमा में भगवान शिव सात फनों वाले नाग से बने सिंहासन पर माता पार्वती, पुत्र कार्तिकेय और गणेश के साथ विराजमान है। ये एकलौती ऐसी प्रतिमा में है, जिसमें शेषनाग के सिंहासन पर भगवान विष्णु की जगह भगवान शिव विराजमान हैं।