इस तरह नदी पार करते हैं विजयसोता के ग्रामीण
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शहडोल जिले के अंतिम छोर स्थित ब्यौहारी के विजयासोता में हैरान कर देने वाला नजारा देखने को मिला। यहां पुल न होने के कारण कई दशकों से लोग जान जोखिम में डालकर नदी की तेज धार पार करते हैं। नाव में रिस्क और बढ़ जाता है, क्योंकि इसमें ही बाइक, साइकल भी रखकर उस पार ले जाई जाती है। 112 करोड़ की लागत से पुल निर्माण स्वीकृति के बावजूद भी प्रशासनिक लचर व्यवस्था के चलते पुल निर्माण नहीं हो पा रहा।
ब्यौहारी के ग्राम विजयासोता में लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी सोन नदी पार करने के लिए कोई पुल नहीं है। इससे नदी के इस पार के लगभग 80 से अधिक ग्रामीण व ऐसा ही उस पार 60 से अधिक गांव के लोग को रोजाना जान हथेली पर रखकर नाव पर सवार होते हैं। नाव पर बाइक, साइकल भी रखी जाती हैं। इलाज कराने जैसे अन्य महत्वपूर्ण काम के लिए नदी के उस पार से इस पार ब्यौहारी आने के लिए नदी पार करना पड़ता है । ऐसा ही इस पार के लगभग 50 गांव के लोगों को उस पर जाने के लिए नदी पार करना पड़ता है, लेकिन पुल की सुविधा नहीं होने से मजबूरी में उन्हें जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे आना जाना पड़ता है ।
लंबे इंतजार के बाद 112 करोड़ की लागत से पुल स्वीकृत तो हो गया है, लेकिन प्रशासनिक लचर व्यवस्था व गुणवत्ताहीन पुल निर्माण के के चलते पुल निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा। इससे आज भी ग्रामीण रोजाना जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे नदी पार कर रहे हैं। यदि लोगों को जल्द पुल की सुविधा मिल जाए तो ब्यौहारी के लोगों को जबलपुर-कटनी जाना आसान हो जाएगा। लोगों को जबलपुर-कटनी के लिए कम समय की दूरी तय करना पड़ेगा। इससे इनका व्यापार भी बढ़ेगा।