चंबल और पार्वती नदियों में उफान पर है।
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पिछले 72 घंटों से चंबल और पार्वती नदियों में उफान का दौर जारी बना हुआ है। सुंडी और सांढ गांव अभी भी टापू बने हुए हैं। दोनों गांवों में 500 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं। श्योपुर का राजस्थान के कोटा, बारां, इटावा और खतौली सहित कई शहरों से संपर्क कटा हुआ है। आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। यात्री और वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, नदियों के किनारे बसे हुए ग्रामीण भी खासे चिंतित है, उन्हें घरों में पानी घुसने का डर है।
मालवा क्षेत्र में हो रही बारिश की वजह से पार्वती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार की सुबह श्योपुर खातोली, कोटा हाईवे पर बने पुल पर करीब 20 फुट जबकि, श्योपुर कुंहाजापुर, बारां हाईवे पर बने पुल पर 5 फीट से ज्यादा पानी है, जिसे देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि अगर नदी का जलस्तर लगातार कम होता है तो अगले दिन के बाद ही आवागमन शुरू हो सकेगा। सीप नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, शहर से सटे हुए नगदी, नागदा और हांसापुरा को जोड़ने वाला पुल पानी में डूबा हुआ है। ढोढर को मानपुर से जोड़ने वाला सीप नदी पर बना हुआ रपटा भी पानी में डूबा हुआ है इससे इस इलाके का संपर्क भी कट गया है।
बुधवार को सुबह से बारिश थमी हुई है लेकिन आसमान पर घने बादल छाए हुए हैं। इस वजह से दोपहर बाद फिर से बारिश होने की संभावना बन रही है। खास बात यह है कि चंबल और पार्वती जैसी बड़ी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है इसके बाद भी जिला प्रशासन के अधिकारी दोनों गांव के ग्रामीणों को रेस्क्यू कराने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहे हैं, इन हालातों में अगर नदियों का जलस्तर और बढ़ा तो ग्रामीणों की मुश्किलें और भी ज्यादा बढ़ सकती है।