विदिशा में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के एक पत्र ने 2 से अधिक बच्चों वाले करीब 1 हजार सरकारी शिक्षक/ कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है। दरअसल 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संतान होने वाले शिक्षक-कर्मचारियों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। इस पर कुछ शिक्षक ने जवाब देते हुए अलग-अलग कारण बताए हैं।
विदिशा में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के एक पत्र ने 2 से अधिक बच्चों वाले करीब 1 हजार सरकारी शिक्षक/ कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है। दरअसल 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संतान होने वाले शिक्षक-कर्मचारियों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। इस पर कुछ शिक्षक ने जवाब देते हुए अलग-अलग कारण बताए हैं।
विज्ञापन
जिला शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार मुद्गल ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2000 में एक सर्कुलर जारी किया था। जिसके अनुसार 26 जनवरी 2001 के बाद यदि किसी शासकीय कर्मचारी की तीसरी संतान होगी तो वो नौकरी के लिए अपात्र हो जाएगा। इसको लेकर हाल ही में विधानसभा में एक विधायक की तरफ से प्रश्न भी पूछा गया था। जिसके बाद विदिशा में ऐसे करीब 1000 कर्मचारी मिले है, जिनकी तीसरी संतान 26 जनवरी 2001 के बाद हुई है। अब उन सभी को पत्र लिखकर 15 दिन में कारण बताओं नोटिस जारी किया है।
शिक्षकों के अलग-अलग जवाब
डीईओ के पत्र पर डेढ़ सौ से अधिक शिक्षक/कर्मचारियों ने जवाब दिया है। इसमें अधिकतर ने लिखा है कि जब उनकी नौकरी लगी थी, उस समय यह नियम नहीं था। उनकी तीसरी संतान बाद में हुई। वहीं, कुछ ने कहा कि उन्होंने दो बच्चे होने के बाद ऑपरेशन करा लिया था, लेकिन फिर भी तीसरी संतान हो गई। वहीं, कुछ ऐसे भी है, जिन्होंने लिखा कि उन्होंने अपने तीसरी बच्चे को अपने परिचितों को गोद दे दिया, लेकिन अभी गोदनामा के दस्तावेज जमा नहीं कराए हैं। यहीं नहीं, कुछ ने यह भी कहा कि उनके नियुक्ति पत्र में नियम का उल्लेख नहीं है।