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Indore News: वयोवृद्ध शिक्षाविद् माधव परांजपे का 96 वर्ष की उम्र में निधन, हजारों विद्यार्थियों को दी नई दिशा

Tue, 17 Mar 2026 11:55 AM IST
Surendra Joshi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

96 वर्षीय परांजपे सर ने सोमवार देर रात अंतिम सांस ली। उन्होंने इंदौर के श्री सत्य सांई विद्या विहार, वैष्णव स्कूल और डेली कॉलेज के विकास में योगदान दिया। वे अनुशासन, समर्पण, विद्वता और सादगी की मिसाल थे।
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विख्यात शिक्षाविद् माधव परांजपे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर के अग्रणी शिक्षाविद् माधव पराजंपे सर का सोमवार देर रात निधन हो गया। 96 वर्षीय परांजपे सर वर्तमान में श्री सत्य साईं विद्या विहार इंदौर, रतलाम और गुना के निदेशक थे। इसके पूर्व वे वैष्णव स्कूल और डेली कॉलेज जैसी कई शिक्षा संस्थाओं के प्राचार्य और शिक्षक रहे। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। 
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उन्होंने श्री सत्य साईं विद्या विहार इंदौर, विजयपुर गुना और रतलाम को सशक्त बनाने में अहम योगदान दिया। वे वास्तव में मानवीय मूल्यों की एक जीवंत पाठशाला थे। उनके व्यक्तित्व में अनुशासन, समर्पण, विद्वता और सादगी का अद्भुत संगम था। हजारों विद्यार्थियों और शिक्षकों के जीवन को उन्होंने अपने मार्गदर्शन से नई दिशा दी। श्री सत्य साईं विद्या विहार का निदेशक बनने के पूर्व उन्होंने डेली कॉलेज, वैष्णव स्कूल तथा गुजरात के वापी में भी अपनी सेवाएं दीं और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें समय-समय पर अनेक पुरस्कारों और सम्मानों से भी अलंकृत किया गया।

विख्यात कमेंटेटर भी रहे
वे अपने समय के एक विख्यात कमेंटेटर भी रहे। विद्यालय में स्थित श्री सत्य साईं स्टूडियो में उन्होंने अनेक डॉक्यूमेंट्री और सत्य सांईं बाबा के प्रवचनों को अपनी गंभीर, प्रभावशाली आवाज दी, जो आज भी सभी को प्रेरित करती है। साथ ही उन्होंने श्री सत्य साईं विद्या वाहिनी प्रोजेक्ट को दिशा प्रदान कर शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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कर्मनिष्ठा अद्भुत थी 
श्री सत्य साईं विद्या विहार विजयपुर गुना के प्राचार्य मनोज कोठेकर ने बताया कि 96 वर्ष की उम्र में भी उनका उत्साह और कर्मनिष्ठा अद्भुत थी। उनका प्रतिदिन विद्यालय आना, घंटों अध्ययन करना और शिक्षा के प्रति निरंतर समर्पित रहना हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। 
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दिग्विजय सिंह ने दी श्रद्धांजलि
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि परांजपे सर ने मुझे डेली कॉलेज में पढ़ाया था। यहां से रिटायर होने के बाद उन्होंने डॉ. रमेश बाहेती द्वारा शुरू किए गए श्री सत्य साईं विद्या विहार के निदेशक के रूप में कार्य किया। आज श्री सत्य साईं विहार इंदौर में सबसे अच्छा स्कूल माना जाता है। उसका बहुत कुछ श्रेय परांजपे सर को जाता है। उनके समस्त परिवारजनों को हमारी संवेदनाएं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। 

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