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उमा भारती बोलीं- मैं भगवान राम नहीं जो दलितों के घर खाना खाने से वे पवित्र हो जाएंगे

Wed, 02 May 2018 02:10 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
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केंद्रीय मंत्री उमा भारती - फोटो : फाइल फोटो
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भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने दलितों के घर भोजन करने को लेकर एक बयान दिया है। उन्होंने मंगलवार को मध्यप्रदेश के छतरपुर में कहा कि मैं दलितों के घर भोजन नहीं करती, क्योंकि मैं भगवान राम नहीं कि वे पवित्र हो जाएंगे।

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केंद्रीय मंत्री ने नौगांव के ददरी गांव में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आगे कहा कि 'मैं दलितों के घर में भोजन करने नहीं जाती हूं। लेकिन, मैं इसका समर्थन करती हूं। मैं अलग से भोजन करने जाती हूं या दलित समुदाय के लोगों को अपने घर में भोजन कराती हूं। 

उन्होंने कहा कि वह भगवान राम नहीं हैं कि दलितों के साथ भोजन करेंगी तो वे पवित्र हो जाएंगे। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब दलित हमारे घर में आकर रसोई में बैठकर साथ भोजन करेंगे तब हम पवित्र हो पाएंगे। मैं कभी सामाजिक समरसता भोजन में भाग नहीं लेती, क्योंकि मैं खुद को भगवान राम नहीं मानती हूं कि शबरी के घर जाकर भोजन किया तो दलित पवित्र हो जाएंगे। बल्कि मेरा मानना है कि दलित जब मेरे घर में आकर भोजन करेंगे और मैं उन्हें अपने हाथों से खाना परोसूंगी तब मेरा घर पवित्र हो जाएगा। लेकिन, मैं आज आपके साथ बैठकर भोजन नहीं कर पाऊंगी, क्योंकि मैंने भोजन कर लिया है।
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केंद्रीय मंत्री ने दलितों को दिल्ली आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि वहां वह उन्हें भोजन कराएंगी। उमा भारती ने कहा कि उनके भतीजे की पत्नी खाना पकाएंगी और वह खुद उन्हें खाना परोसूंगी तब मेरा घर धन्य हो जाएगा, मेरे बर्तन धन्य हो जाएंगे, मेरा पूजाघर धन्य हो जाएगा। लेकिन, मैं आज आपके साथ बैठकर भोजन नहीं कर पाऊंगी, क्योंकि मैंने पहले ही भोजन कर लिया है।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने दलितों को भोजन के लिए दिल्ली आने का निमंत्रण भी दिया है। उन्होंने कहा कि उनके भतीजे की पत्नी खाना पकाएंगी और वह खुद उन्हें खाना परोसेंगी एवं उनका भतीजा उनके जूठे बर्तनों को साफ करेगा तब वह पवित्र होंगी। बता दें कि दरअसल यहां संत रविदास की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के बाद सामाजिक समरसता भोज का भी आयोजन किया गया था।

 गौरतलब है कि बीते महीने दलित समुदाय की कथित तौर पर बीजेपी से नाराजगी को दूर करने और 2019 लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर पीएम नरेंद्र मोदी ने पार्टी नेताओं को दलित बहुल इलाकों में जाकर और वहां रात गुजारने का निर्देश दिया था। 

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