संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट बिरसिंहपुर
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संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट बिरसिंहपुर में गुरुवार को एक बार फिर से शासन के लाखों रुपये का नुकसान हो गया। लगातार प्रशासन की लापरवाही के चलते 210 मेगावाट की एक नंबर यूनिट बंद हो गई। जहां 26 सितंबर 2023 से चार नवंबर 2023 तक इस यूनिट का वार्षिक रखरखाव (एनुअल ओवरहॉलिंग) किया गया है।
वहीं, अब जिसमें 40 दिन तक इस बिजली यूनिट से उत्पादन ठप हो गया था और यह यूनिट जब सुधार के बाद चली तो आरंभ होने के साथ ही बार-बार कई तकनीकी खराबी होने के कारण यूनिट लगातार बंद होती गई। जहां इस सुधार कार्य में की गई लापरवाही की पोल खोल रही है।
वहीं, करोड़ों रुपये खर्च कर किए गए सुधार कार्य पर कई तरह के सवालों का उठना अब लाजिमी हो गया है। जहां यह ट्यूब लीकेज में बंद हुई यूनिट चार नवंबर को यूनिट वार्षिक सुधार होने के बाद फिर दूसरे दिन पांच नवंबर को बंद हो गई और 12 घंटे यूनिट बंद रहने के बाद सुधार कर दोबारा चालू तो कर दिया गया, उसके बाद यह यूनिट सात नवंबर को फिर आए फाल्ट के कारण बंद हुई और 10 नवंबर तक यह यूनिट बंद रही है।
यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर वार्षिक सुधार के नाम पर जहां करोड़ों रुपये खर्च किया गया। वहीं, अब इस यूनिट पर बार-बार ब्वॉयलर ट्यूब लीकेज के कारण बंद क्यों हो रही है? जिसके कारण करोड़ों रुपये के बिजली के उत्पादन की हानि हो रही है। अब इसका जिम्मेदार कौन है, यह है अभी तक डिसाइड नहीं हो पाया है।