बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मगधी कोर परिक्षेत्र में वन विभाग ने दो शिकारियों को गिरफ्तार किया है। मगधी कोर परिक्षेत्र की सोहारिया सीमा के रोहनिया बीट में गश्त कर रहे वन कर्मचारियों को कक्ष क्रमांक 218 में दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। वन कर्मचारियों ने देखा कि कुछ कुत्ते एक चीतल का पीछा कर रहे थे।
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जंगली जानवरों के हमले तो बढ़ रहे हैं, लेकिन जंगली जानवरों के विरुद्ध भी हमले बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। कुछ शिकारी ऐसे हैं जो शिकार करने के चक्कर में जंगली जानवरों को मौत की घाट उतार देते हैं। हालांकि कुछ ऐसे लोगों पर प्रशासन का शिकंजा करता हुआ नजर आता है। जहां प्रशासन उन पर शिकंजा कस कर उनको जेल की हवा भी खिलाती है।
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दरअसल, पूरा मामला उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मगधी कोर परिक्षेत्र में वन विभाग ने दो शिकारियों को गिरफ्तार किया है। मगधी कोर परिक्षेत्र की सोहारिया सीमा के रोहनिया बीट में गश्त कर रहे वन कर्मचारियों को कक्ष क्रमांक 218 में दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। वन कर्मचारियों ने देखा कि कुछ कुत्ते एक चीतल का पीछा कर रहे थे। चीतल जंगल में गिर गया और वन कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां उन्हें दो शिकारी मिले जिनके पास शिकार के हथियार भी थे। वन परिक्षेत्र अधिकारी दीपक राज ने बताया कि दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा और मामले की जांच की जा रही है।
वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर पकड़ा
वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर बाबूलाल बैगा पुत्र पहू बैगा और रोहित बैगा पुत्र छोटेलाल बैगा को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी रोहनिया के निवासी हैं। शिकारी पहले कुत्तों से चीतल को थका देते। जब वह कमजोर हो जाता, तब डंडों से पीटकर शिकार कर लेते थे।