Umaria: एचएमएस जोहिला क्षेत्र के अध्यक्ष अरुण मिश्रा ने आरोप लगाया कि नौरोजाबाद उपक्षेत्र की खदानों से लेकर रेलवे साइडिंग तक भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने दावा किया कि रेलवे साइडिंग का कांटा सेट कर दिया गया है, जिससे हर वैगन में 15 से 20 टन कोयला अधिक लोड किया जा रहा है।
एसईसीएल जोहिला क्षेत्र की नौरोजाबाद सब एरिया में व्याप्त अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और 32 सूत्रीय मांगों को लेकर कोयला मजदूर सभा (एचएमएस) का धरना छठवें दिन भी जारी रहा। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि एसईसीएल प्रबंधन मजदूर विरोधी नीतियां अपना रहा है और तानाशाही रवैया अपनाए हुए है।
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एचएमएस के पदाधिकारियों ने कहा कि कंचन खदान में कंपनी के आवास निजी व्यक्तियों को किराए पर दे दिए गए हैं, जबकि श्रमिक और उनके परिवार आवास के लिए परेशान हैं। अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार मजदूरों का शोषण कर रहे हैं और उनके पीएफ का भी गबन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रबंधन की ओर से कोई ठोस बातचीत या हड़ताल समाप्त करने की पहल नहीं की गई है, जिससे टकराव बढ़ने की आशंका है। यूनियन के सदस्य अब हड़ताल और उत्पादन बंद करने जैसी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
रेलवे साइडिंग में हो रहा घोटाला
एचएमएस जोहिला क्षेत्र के अध्यक्ष अरुण मिश्रा ने आरोप लगाया कि नौरोजाबाद उपक्षेत्र की खदानों से लेकर रेलवे साइडिंग तक भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने दावा किया कि रेलवे साइडिंग का कांटा सेट कर दिया गया है, जिससे हर वैगन में 15 से 20 टन कोयला अधिक लोड किया जा रहा है। इस फर्जीवाड़े में रेलवे स्टाफ भी शामिल है, जो रास्ते में अतिरिक्त कोयले को ठिकाने लगा देता है, जिससे कंपनी को हर महीने करोड़ों का नुकसान हो रहा है।
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इसके अलावा, नौरोजाबाद रेलवे साइडिंग में कोयले को स्लैक बनाने की प्रक्रिया में भी लाखों रुपये का घोटाला किया जा रहा है। इसके लिए मोबाइल क्रेशर लगाया गया है, जिससे मजदूरों से स्लैक बनवाकर फर्जी भुगतान निकाला जा रहा है। वहीं, कंचन खुली खदान में सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए बिना अनुमति कोयले की छंटाई कराई जा रही है, जिससे किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।
अन्य प्रमुख मांगें
एचएमएस द्वारा उठाई गई अन्य मांगों में शामिल हैं:
नौरोजाबाद उपक्षेत्र में तीन वर्ष या अधिक समय से कार्यरत कर्मचारियों का स्थानांतरण।
नौरोजाबाद पश्चिम खान में छह दिन कार्य करने वाले कर्मचारियों को रविवार की छुट्टी देना।
कंचनपुर में नियमित रूप से पानी का छिड़काव।
नौरोजाबाद साइडिंग रैक लोडिंग के रेलवे कांटे की जांच।
विंध्य खदान के बीच बरुआ नाले की मरम्मत।
गेस्ट हाउस से रीजनल अस्पताल तक सड़क निर्माण।
कंचनपुर में श्रमिकों की छंटनी पर रोक।
प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण श्रमिकों में रोष बढ़ता जा रहा है। यदि जल्द ही समाधान नहीं निकला, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।