उमरिया जिले के अंतर्गत नौरोजाबाद में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी ज्योति सिंह को निर्माण कार्यों और सामग्री की खरीद फरोख्त में भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। कमिश्नर शहडोल के निर्देश पर उमरिया के कलेक्टर ने मामले की जांच कराई थी। जांच में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद शहडोल कमिश्नर सुरभि सिंह ने उन्हें निलंबित कर दिया।
पूरे मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद कलेक्टर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी ज्योति सिंह को पत्र जारी कर कारण बताओ नोटिस जारी किया था। सात दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया था, लेकिन ज्योति सिंह द्वारा कारण बताओ नोटिस का भी जवाब नहीं दिया गया। ज्योति सिंह की कार्यशैली से वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का भी लगातार अवहेलना करना पाया गया। सीएमओ के उक्त कृत्य मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण संहिता के विपरीत एवं दंडनीय हैं। इसी के चलते मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 9 (1) क के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुए कमिश्नर शहडोल सुरभि गुप्ता ने नगर परिषद नौरोजाबाद की सीएमओ ज्योति सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
उमरिया में भी गड़बड़ी सामने आई थी
बता दें, सीएमओ ज्योति सिंह इसके पहले उमरिया नगर पालिका परिषद की मुख्य नगर पालिका अधिकारी रही हैं। इस दौरान भी इनके द्वारा तमाम कार्यों और खरीदी में व्यापक रूप से गड़बड़ी सामने आई थी। इसके चलते ज्योति सिंह कई अखबारों और चैनलों की सुर्खियों में रही। इस दौरान भी उनके क्रियाकलापों की जांच कराई गई। उसमें भी गड़बड़ियां सामने आई थीं। इसके बाद उनका स्थानांतरण नगर परिषद नौरोजाबाद के लिए किया गया। वहां भी वह लगातार सामग्री की खरीदी और निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी रहीं।