लापरवाही और अनुपस्थिति पर सीईओ जिला पंचायत ने की कार्रवाई।
उमरिया जिले की ग्राम पंचायत मसूरपानी के पंचायत सचिव संतोष सिंह को लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभय सिंह ने मप्र पंचायत सेवा (अनुशासन और अपील) नियम 1999 के नियम 4 के तहत यह कार्रवाई की है। निलंबन के दौरान संतोष सिंह का मुख्यालय जनपद पंचायत करकेली नियत किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
सरपंच की शिकायत पर कार्रवाई
ग्राम पंचायत मसूरपानी की सरपंच ने सीईओ कार्यालय में उपस्थित होकर लिखित शिकायत दी थी, जिसमें बताया गया कि संतोष सिंह अपनी पदस्थापना के बाद से ही लगातार पंचायत कार्यों से अनुपस्थित रहते थे। इतना ही नहीं, फोन करने पर भी वह कॉल रिसीव नहीं करते थे, जिससे ग्राम पंचायत के कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे। सरपंच की शिकायत पर सहायक विकास विस्तार अधिकारी शिवम भट्ट द्वारा जांच कराई गई।
जांच में दोषी पाए गए पंचायत सचिव
जांच रिपोर्ट के अनुसार, पंचायत सचिव संतोष सिंह पिछले 15 दिन से पंचायत कार्यालय से अनुपस्थित थे। इस गैरहाजिरी के कारण हितग्राही मूलक कार्यों, पंचायत के भुगतान और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आ रही थी। अपनी जांच रिपोर्ट में शिवम भट्ट ने संतोष सिंह को अपने पदीय दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता का दोषी पाया। यह आचरण मप्र पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम 03 का स्पष्ट उल्लंघन है।
सीईओ ने दिया कड़ा संदेश
सीईओ अभय सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पंचायत सचिव संतोष सिंह को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई से अन्य पंचायत अधिकारियों और कर्मचारियों को भी साफ संदेश मिला है कि लापरवाही और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।