सार
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। अक्टूबर में 10 हाथियों की मौत के बाद अब नवंबर में चार माह के एक और शावक ने दम तोड़ दिया है। इससे हाथियों की मौत का आंकड़ा 11 तक पहुंच गया है, जिससे वन्यजीव संरक्षण पर गंभीर सवाल उठे हैं।
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) में हाथियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में तीन दिनों के अंदर ही 10 हाथियों की मौत के बाद अब नवंबर में भी एक और हाथी के बच्चे की मृत्यु हो गई है। इस घटना के बाद बांधवगढ़ में मरने वाले हाथियों का आंकड़ा बढ़कर 11 हो गया है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर पीके वर्मा ने बताया कि रविवार को एक चार माह के हाथी के शावक की मृत्यु हो गई। यह शावक कुछ दिनों पहले ही पनपथा बफर के खारीबड़ी टोला में अपने झुंड से बिछड़ा हुआ अचेत और अस्वस्थ अवस्था में मिला था। तत्काल उसे इलाज के लिए रामा हाथी कैम्प ले जाया गया, जहां वन विभाग का चिकित्सकीय दल लगातार उसका उपचार कर रहा था। उपचार के दौरान, रविवार को शावक ने दम तोड़ दिया।
इस नई घटना से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की मौतों की संख्या 11 तक पहुंच गई है। उल्लेखनीय है कि 29 से 31 अक्टूबर के बीच लगातार तीन दिनों में ही 10 हाथियों की मृत्यु हो गई थी, जिसने पूरे देश का ध्यान इस संकट की ओर आकर्षित किया था। हाल ही में बीमार अवस्था में मिले इस शावक की मौत ने वन्यजीव संरक्षण पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर चिंताएं और बढ़ गई हैं।