उमरिया में भ्रष्टाचार का गढ़ कहे जाने वाले मानपुर विधानसभा क्षेत्र में जिसको भी मौका मिलता है, वही हाथ साफ करने में कोई कसर नहीं छोड़ता है। ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत चिल्हारी से सामने आया है। यहां के निवासी होलकारी साहू उम्र (90) की बेशकीमती भूमि को हड़पने, परिजनों के साथ ग्राम पंचायत सरपंच अरुणा कोल और उनके पति दिनेश कोल ने ऐसा कूटरचित रचना रच डाला कि पूरे मानपुर जनपद क्षेत्र में सरपंच का कारनामा जन चर्चा का विषय बन गया।
मिली जानकारी अनुसार, ग्राम चिल्हारी निवासी बुजुर्ग होलकारी साहू की बेशकीमती भूमि पर परिवार जनों की नजर गड़ गई। इसे हथियाने के लिए हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। तभी किसी ने उसका फौती खानदानी सेजरा बनवाकर उसके जीवित रहते ही भूमि हथिया लेने का जुगाड़ बता डाला और हुआ भी वही। सरपंच पति भी इस काम में पीछे नहीं हटे, जिनके द्वारा आनन-फानन में जिंदा बुजुर्ग का फौती खानदानी सेजरा तैयार करते हुए सील सिक्का लगा रजिस्टर्ड कर दिया गया।
इसकी भनक बुजुर्ग के सगे पोते बद्री साहू को लगी, तब बद्री और उसके दादा दोनों मिलकर मामले का पता लगाना शुरू किए। तब किसी तरह सेजरा ही बुजुर्ग के हाथ लग गया। दादा और पोता मिलकर पता लगाने लगे कि आखिर इसको बनवाया कौन है। काफी मशक्कत के बाद पता चला कि बुजुर्ग होलकारी साहू के भतीजे विजय साहू और सरपंच मिलकर यह साजिश किये हैं। सारी जानकारी मिलने के बाद बुजुर्ग का पोता बद्री साहू सरपंच अरुणा कोल और उसके पति दिनेश कोल के ऊपर कानूनी कार्रवाई कराने अनुविभागीय अधिकारी मानपुर को एक लिखित आवेदन दिया है।
ऐसे में अब देखना यह होगा कि सरपंच और सरपंच पति द्वारा किये गये षड़यंत्र पूर्वक घिनौना कार्य पर कार्रवाई होती है या फिर जांच पर जांच का बहाना बनाकर हर मामले की तरह इसको भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। गौरतलब है कि मानपुर विधानसभा में जिस तरह भ्रष्टाचार है और भ्रष्टाचारियों को खुलेआम संरक्षण दिया जाता है, उससे तो क्षेत्र की जनता और पीड़ित को उम्मीद ही नहीं है कि न्याय मिलेगा। फिर भी अब यह देखना होगा कि 90 साल के होलकारी साहू को उनके जीवित रहते ही जीवित घोषित किया जाता है या नहीं।