युवाओं की टीम बच्चों को कर रही प्रेरित
- फोटो : अमर उजाला
उमरिया जिले की सक्रिय युवा टीम लगातार 20 दिनों से विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर शिक्षा से नाता तोड़ चुके विभिन्न विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। युवाओं का उद्देश्य है कि जब तक युवा शिक्षित नहीं होगा, तब तक वह जागृत नहीं होगा।
टीम लीडर हिमांशु तिवारी ने बताया कि बहुत से ऐसे बच्चे, जो स्कूल नहीं जा रहे हैं, जब उन बच्चों से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वे लाकडाउन के बाद से ही स्कूल नहीं जा रहे हैं। कुछ बच्चे बकरियां चराने के लिए चले जाते हैं, कुछ खेतों में काम करने के लिए चले जाते हैं और कुछ आसपास के ढाबों पर काम करने जा रहे हैं।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत हर बच्चे को शिक्षा प्राप्त हो, ऐसे बच्चों के माता-पिता से संपर्क कर उन्हें अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए समझाइश दी गई। उन्हें बताया गया कि यदि स्कूल चलो अभियान को सफल करना है तो हम सब मिलकर इन बच्चों को स्कूल भेजने का संकल्प लेना है। आज बच्चों का भविष्य हाथों में पुस्तक लेने का है न कि काम करने का। युवाओं द्वारा यह संकल्प लिया गया कि हमारे द्वारा बच्चों को स्कूल तक भेजने शासन का पूरा सहयोग करेंगे। साथ ही कुछ बच्चे जिन्हें शिक्षण सामग्री भी जन सहयोग के माध्यम से प्रदान करेंगे।
युवाओं की टोली जब ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचे और जब वहां का शिक्षा का स्तर देखा। बुरी संगति की और बच्चे अग्रसर हो रहे हैं। सभी लोगों से निवेदन किया कि शिक्षा रूपी इस महायज्ञ में बच्चों को स्कूल भेजकर सहयोग प्रदान करें। इस दौरान हिमांशु तिवारी, खुशी सेन, अमृता सिंह, शिखा बर्मन, राहुल सिंह, चंदा गुप्ता और राज तिवारी उपस्थित रहे।