66वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ मंगलवार उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में दोपहर 3.30 बजे कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में होगा। यह सालाना समारोह 12 से 18 नवंबर तक चलेगा। उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल मंगूभाई पटेल करेंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, संकृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी और कौशल विकास व रोजगार राज्यमंत्री तथा उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज होंगे।
कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक गोविंद गंधे ने बताया कि अखिल भारतीय कालिदास समारोह के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक और सारस्वत आयोजन किए जाएंगे। समारोह में राष्ट्रीय कालिदास सम्मान अलंकरण भी दिए जाएंगे। इनमें शास्त्रीय संगीत में पुणे के पं. उदय भवालकर और मुंबई के पं. अरविंद पारीख, शास्त्रीय नृत्य में मुंबई की डॉ. संध्या पुरेचा और मणिपुर की गुरु कलावती देवी, रुपंकर कलाओं में दिल्ली के पी.आर. दारोच और मैसूर के रघुपति भट्ट और रंगकर्म में राजस्थान के भानु भारती और कोलकाता के रुद्र प्रसाद सेनगुप्ता को अलंकरण दिए जाएंगे। राष्ट्रीय कालिदास श्रेष्ठ कृति अलंकरण इन्दौर के आचार्य मिथिलाप्रसाद त्रिपाठी को प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार प्रादेशिक भोज श्रेष्ठ कृति अलंकरण ग्वालियर के आचार्य बालकृण शर्मा को प्रदान किया जाएगा।
कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगेगी
समारोह में पारंपरिक राष्ट्रीय कालिदास चित्र एवं मूर्तिकला प्रदर्शनी का शुभारंभ तथा रघुवंशम से अनुप्राणित पुरस्कृत एवं चयनित कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी का अवलोकन 12 नवंबर को दोपहर 3.30 बजे से 18 नवंबर को सुबह 10 बजे से रात्रि 8 बजे तक किया जा सकेगा।
रोज शाम 6.30 से होंगे कार्यक्रम
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में प्रतिदिन शाम 6.30 बजे से प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसमें मंगलवार 12 नवंबर को ग्वालियर के डॉ. हिमांशु द्विवेदी के निर्देशन में संस्कृत नाटक कालिदास महोत्साहम की प्रस्तुति दी जाएगी। बुधवार 13 नवंबर को रंगनृत्य मेघदूतम, शास्त्रीय कथक नृत्य की प्रस्तुति कलाकारों द्वारा दी जाएगी। गुरुवार 14 नवंबर को हिंदी नाटक वसंत सेना की प्रस्तुति होगी। शुक्रवार 15 नवंबर को मालवी माच, उपशास्त्रीय गायन और लोक गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। शनिवार 16 नवंबर को मोहिनी अट्टम मणिपुरी एवं शास्त्रीय कथक नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। रविवार 17 नवंबर को ख्यात शास्त्रीय गायक राहुल देशपांडे प्रस्तुति देंगे। 66वें कालिदास समारोह के समापन अवसर पर सोमवार 18 नवंबर को सुरबहार वादन, घुंघरु वादन एवं सरोद वादन की प्रस्तुति होगी।
13 नवंबर को पंच महाभूत विमर्श व संगोष्ठी
गौरतलब है कि कालिदास समारोह में कालिदास संस्कृत अकादमी के अभिरंग नाट्यगृह में प्रतिदिन सारस्वत आयोजन भी किए जायेंगे। इनमें 13 नवम्बर बुधवार को महाकवि कालिदास के साहित्य में पंच महाभूत विमर्श और महाकाव्यों पर एकाग्र राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन प्रात: 10 बजे किया जाएगा। साथ ही कालिदास का समरस समाज पर आधारित पंडित सूर्यनारायण व्यास व्याख्यान माला का आयोजन शाम 5 बजे किया जाएगा। गुरुवार 14 नवंबर को महाकवि कालिदास के साहित्य में पंच महाभूत विमर्श और नाटकों पर एकाग्र संगोष्ठी प्रात: 10 बजे और शाम 5 बजे कुटुंब व्यवस्था कालिदास का दृष्टिकोण पर व्याख्यान माला आयोजित की जाएगी। शुक्रवार 15 नवंबर को महाकवि कालिदास के साहित्य में पंच महाभूत विमर्श और खंडकाव्यों पर एकाग्र संगोष्ठी प्रात: 10 बजे और शाम 5 बजे कालिदास का पर्यावरण चिंतन पर व्याख्यान माला आयोजित की जाएगी।
उप राष्ट्रपति के आगमन के पूर्व रिहर्सल की गई
उप राष्ट्रपति के उज्जैन आगमन के पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर आवागमन के मार्ग की सोमवार को रिहर्सल की गई तथा कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में कार्यक्रम स्थल एवं हैलिपेड का निरीक्षण किया गया। इस दौरान संभागायुक्त संजय गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, सीईओ जिला पंचायत जयति सिंह, एडीएम अनुकूल जैन एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद थे। अधिकारियों द्वारा सर्वप्रथम हैलिपेड पहुंचकर वहां बनाए गए वीआईपी रेस्ट रुम का निरीक्षण किया गया तथा सभी व्यवस्थाएं चाकचौबंद रखने के निर्देश दिए गए। हैलिपेड से कालिदास अकादमी तक पहुंच मार्ग का निरीक्षण किया गया। इसके बाद कालिदास अकादमी परिसर पहुंच कर वहां के ग्रीन रुम और मंच की व्यवस्था का अवलोकन किया गया।
उप राष्ट्रपति के आगमन के पूर्व कारकेट की रिहर्सल करते अधिकारी