दो वर्षों बाद आए फैसले में अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश ने तलवार से गर्दन काटकर हत्या करने के मामले में फैसला सुनाते हुए एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में पुराने विवाद के चलते एक व्यक्ति ने एक अन्य पर तलवार से हमला कर दिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी।
पूरे मामले की जानकारी देते हुए उप-संचालक (अभियोजन) डॉ. साकेत व्यास ने बताया कि 25 जून 2021 को सुमेरसिंह निवासी ग्राम छायन गांव में ही विष्णु प्रजापत की दुकान से तंबाकू का पाउच खरीद कर वापस जा रहा था तभी सुमेर सिंह और विष्णु के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसमें विष्णु प्रजापत ने सुमेर सिंह पर तलवार से हमला कर दिया था। इस घटना में सुमेर सिंह गंभीर रूप से घायल हुआ था। जिसे उनके पुत्र भानुप्रताप सिंह निवासी ग्राम कोटलाखेड़ी द्वारा एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया था लेकिन यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
इस घटना के बाद भानुप्रताप सिंह ने थाना नानाखेड़ा में इस हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जिस पर नानाखेड़ा थाना पुलिस ने विवेचना करने के बाद अपराध क्रमांक 396/21 धारा 294, 302 भादवि मैं प्रकरण दर्ज किया था और आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तलवार भी जब्त की गई थी। मामला न्यायालय विवेक कुमार चंदेल, अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश उज्जैन, के न्यायालय मैं पेश किया गया था। जहां पर आरोपी विष्णु उर्फ बबलू पिता तुलसीराम प्रजापत, निवासी ग्राम छायन उज्जैन म.प्र. धारा 302 भादवि को आजीवन कारावास एवं 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।