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Ujjain News: साधु की संदिग्ध मौत पर परिजनों ने जताया शक, भाई की शिकायत पर 10 दिन बाद समाधि से निकाला शव

Sat, 20 Jun 2026 04:19 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

मंगलनाथ क्षेत्र में एक साधु की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है। परिवार की शिकायत पर 10 दिन पुरानी समाधि खोदकर शव बाहर निकाला गया, जिसके बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है।
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साधु की मौत के 10 दिन बाद समाधि से निकाला शव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उज्जैन के मंगलनाथ क्षेत्र स्थित एक कुटिया के पीछे साधु गंगेश्वरी महाराज की समाधि से शव निकाले जाने के बाद सनसनी फैल गई है। परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने एसडीएम की मौजूदगी में समाधि की खुदाई कर शव बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
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चिमनगंज मंडी थाना पुलिस के अनुसार जावरा के पीपली बाजार निवासी अनिल जोशी ने 17 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके भाई सुनील जोशी, जो संन्यास लेने के बाद गंगेश्वरी महाराज के नाम से साधु जीवन व्यतीत कर रहे थे, मंगलनाथ क्षेत्र स्थित मलानी बाबा की कुटिया में रहते थे।

अनिल जोशी के मुताबिक करीब 10 दिन पहले उनकी अपने भाई से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान उन्हें पीछे कुछ लोगों के विवाद की आवाजें सुनाई दी थीं। इसके बाद अचानक फोन कट गया और फिर मोबाइल बंद आने लगा। लंबे समय तक संपर्क नहीं होने पर वे भाई की तलाश में उज्जैन पहुंचे।
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जब वे कुटिया पहुंचे तो वहां गंगेश्वरी महाराज नहीं मिले। आसपास पूछताछ करने पर पता चला कि लगभग 10 दिन पहले उनकी मृत्यु हो गई थी और कुटिया के पीछे उन्हें समाधि दे दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि उन्हें मौत की सूचना तक नहीं दी गई। परिजनों ने यह भी बताया कि गंगेश्वरी महाराज की मोटर साइकिल और निजी सामान भी कुटिया से गायब मिले। इन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने हत्या की आशंका जताई और पुलिस से जांच की मांग की। शिकायत के बाद पुलिस ने एसडीएम की मौजूदगी में समाधि की खुदाई करवाई। करीब 10 दिन पुराना शव बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

ऐसे बने थे गंगेश्वरी महाराज
परिजनों के अनुसार सुनील जोशी ने वर्ष 2010 में पारिवारिक जीवन छोड़कर संन्यास ले लिया था। वे दो बच्चों के पिता थे। संन्यास लेने के बाद उन्होंने गेरुआ वस्त्र धारण कर गंगेश्वरी महाराज के रूप में धार्मिक जीवन शुरू किया था। उनकी मां कृष्णा जोशी मंदिर में सेवा करती हैं।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के आधार पर ही यह तय हो सकेगा कि मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे कोई साजिश है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

 

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