उज्जैन के नागदा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना घटित हुई, जिसमें नौ वर्षीय बालिका का शव घर की छत पर मिला, जो की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई थी। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बालिका का शरीर दो भाग में बंट गया था। घटना के बाद परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके बाद परिजनों ने अपने पड़ोसियों पर बच्ची की जान लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
बताया जाता है कि 24 अप्रैल 2024 बुधवार की शाम यह घटना घटित हुई थी, जिसमें अलिस्बा पिता शाहरुख उम्र 9 वर्ष निवासी इंदिरा कॉलोनी नागदा मदरसे में पढ़ाई करने के बाद घर लौटी थी। जहां उसने घरवालों को बताया था कि पड़ोस में रहने वाली गुड़िया ने उसके कुछ पैसे चुरा लिए हैं। घर वालों के समझाने पर अलिस्बा मान तो गई थी। लेकिन जब गुड़िया पैसे देने के लिए उसे फिर बुलाने आई तो वह अपने भाई अयान के साथ गुड़िया के घर चली गई थी।
अलिस्बा की मां शबाना बी ने बताया कि शाम को 5:30 बजे हम कुछ काम कर रहे थे, तभी अचानक आवाज आई कि घर के ऊपर से निकल रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में कोई आ गया है। शोर सुनकर हम भी जब घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा कि अलिस्बा की मौत हो चुकी है और उसका शरीर दो टुकड़ों में छत पर पड़ा हुआ है।
शबाना भी ने बताया कि इस घटना के बाद हमने नागदा थाना पुलिस को कई बार पड़ोसी तौसीफ, सादिक, आसिफ के परिवार के द्वारा अलिस्बा को जान से करने का आरोप लगाते हुए उन्हें गिरफ्तार करने की बात कही। लेकिन पुलिस हर बार हमें यह कहकर टालती रही कि अभी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने दो उसके बाद कार्रवाई होगी। शबाना बी ने बताया कि न तो समाज और न ही पुलिस इस मामले में हमारी कोई मदद कर रही है। स्थिति यह है कि तोशिफ, सादिक और आसिफ का परिवार अपने घर से भी इस घटना के बाद से ही गायब है।
एसपी के नाम दिया ज्ञापन कहा
अलिस्बा की मौत के बाद उसके परिजनों ने उज्जैन पहुंचकर एसपी प्रदीप शर्मा के नाम ज्ञापन दिया और यह मांग की कि उन्हें न्याय दिलाया जाए। दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि जिस स्थान से अलिस्बा का शव मिला था, वहां जाने का कोई रास्ता नहीं है। फिर ऐसे मे अलिस्बा आखिर छत पर कैसे पहुंची, जिसकी जांच होना चाहिए। याद रहे कि इस घटना का वीडियो सोश्यल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।