उज्जैन के छोटी कमल कॉलोनी क्षेत्र में रहने वाली राजनंदनी उर्फ नन्नू मंगलवार दोपहर घर के बाहर खेलते समय लापता हो गई थी, जिसकी लाश बुधवार शाम को जीवाजीगंज थाना क्षेत्र के नाले में एक बोरे में बंद मिली है। बुधवार देर शाम तक चार वर्षीय मासूम बच्ची को उज्जैन पुलिस गुमशुदा समझकर तलाश रही थी, इसी दौरान पुलिस को उसकी लाश जूना सोमवारिया मार्ग स्थित वाल्मीकि धाम के समीप पुल के नीचे कचरे के ढेर के पास होने की सूचना मिली थी। लाश को जिला चिकित्सालय पहुंचाने के पहले इसे एफएसएल टीम की डॉ. प्रीति गायकवाड के द्वारा देखा गया था। जिन्होंने बच्ची की मौत 12 से 24 घंटे पूर्व होने की बात कही थी।
शुक्रवार को आएगी पीएम रिपोर्ट
राजनंदनी का पोस्टमार्टम हो चुका है। इस बारे में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. पी एन वर्मा का कहना है कि इस मामले में ज्यादा कुछ कहा नहीं जा सकता। चार लोगों की टीम ने राजनंदनी का पोस्टमार्टम किया है। वे अपनी राय देंगे उसके बाद रिपोर्ट बनाई जाएगी। यह नेचुरल डेट नहीं है, असामयिक मृत्यु हुई है। शाम तक सभी डॉक्टरों का ओपिनियन आने के बाद कल सुबह तक रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी।
बच्ची के पिता ने हत्यारों के लिए मांगी फांसी
मासूम राजनंदिनी की हत्या से परिजन काफी दुखी हैं। बच्ची काफी गरीब घर की है। राजनंदनी की हत्या से दुखी उसके पिता ने शासन-प्रशासन से अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाई है, बच्ची के पिता का कहना है कि दोषियों को फांसी होना चाहिए। उनका मकान टूटना चाहिए। मेरी बच्ची को बेरहमी से मार दिया गया। उसे फांसी लगाई गई, तंत्र क्रिया किया गई और गला घोंटा गया। आरोपी हमारे घर के पास ही रहते हैं। आरोपियों ने हमारी बच्ची को गायब कर दिया था। हम उसे ढूंढ रहे थे, लेकिन वह बोले तक नहीं। सरकार से मांग है कि राजनंदनी को न्याय दिलाएं और दोषियों को फांसी दे।