उज्जैन शहर में शनिवार को एक ऐसा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आधार कार्ड देखकर बहुमूल्य टमाटर फ्री में बांटे गए। जबकि अतिथियों का स्वागत अभिनंदन महिलाओं की मिसाइल (बेलन) प्रदान कर व भिंडी नींबू की माला से किया गया। इस आयोजन की जानकारी देते हुए कार्यक्रम संयोजक स्वामी मुस्कुराके शैलेंद्र व्यास ने बताया, ओम हास्याय नम: संस्था द्वारा हास्य सम्राट ओम व्यास ओम के पुण्य स्मरण प्रसंग को प्रतिवर्ष अनूठे ढंग से मनाते हुए विचित्र आयोजन तरणताल स्थित ओम व्यास के ठिहे पर किया जाता है।
उन्होंने बताया, आज भी पंडित ओम व्यास ओम की स्मृति में अनूठे ढंग से ही इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें प्रसिद्ध व्यंग्यकार, लघु कथाकार, कवि राजेंद्र नागर निरंतर एवं हास्य कवि विजय शर्मा गोपी का भारतीय किचन के महिलाओं की मिसाइल सेंगोल (बेलन), भिंडी नींबू की माला और लौकी भेंटकर विशिष्ट हास्य अभिनंदन किया। ओम व्यास के अनन्य और जघन्य मित्र पूर्व विधायक राजेंद्र भारती मुख्य अतिथि रहे। अध्यक्षता प्रेम सिंह यादव ने की। दिनेश विजयवर्गीय एवं इंदर सिंह जादौन (मताना) ने ओम प्रेमियों को आधार कार्ड दिखाने पर आकर्षक, बहुमुल्य टमाटर फ्री भेंट किए। बढ़लो भाषण व्यंग्यकार मुकेश जोशी ने दिया।
अतिथियों ने कहा...
अंतरराष्ट्रीय कवि अशोक भाटी ने हास्य और व्यंग्य की सुनामी लहरों से हास्य धर्मियों को भिगो दिया। प्यार का रसायन शास्त्र, बुढ़ापे के मजे, युवाओं की सेमी सांस्कृतिक गतिविधियों पर करारा व्यंग्य बाण छोड़ा। कवि मान सिंह शरद ने भांग की महिमा का गुणगान किया। विजय गोपी ने किचन सेंगोल (बेलन) की महिमा बखान करते हुए कहा कि जमाई का खुले आम घूमना सासु को गवारा नहीं है। बेटी को बेलन का सेंगोल देकर बोली, इसी बेलन से तेरे पापा को सुधारा है। प्रसिद्ध कवि सुगन चंद जैन ने बीबी की गाथा की बेहतरीन महिमा से तालियों को बटोरा। व्यंग्यकार राजेंद्र नागर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि समय भाग्य किसी का भी बदल सकता है, दो रुपये किलो के टमाटर की औकात सेवफल के साथ मुस्कुराने की हो गई।
टमाटर पाने में यह रहे सफल...
ठहाकों की महफिल में पूर्व डीएसपी प्रवीण सिंह ठाकुर, प्रकाश त्रिवेदी, स्वामी खिलखिलाके, स्वामी दिलमिलाके, लव मेहता, राकेश दीक्षित, अनिल बारोड, अर्चना, कृष्णा, राकेश चौहान, श्याम माहेश्वरी, मनोहर रांगी, जौहरी, डॉ संजीव तिवारी, बीएल सूर्यवंशी, कमल यादव, महेंद्र कटियार, अनिल चावंड, अर्थ वर्मा, केशव बजाज, कैलाश सिसोदिया, महेंद्र कटियार अजीत पोरवाल, भगवान दास, सतीश पटेल और नरेंद्र मालवीय आदि रसीले टमाटर प्राप्त करने में सफल रहे।