हाथों में जंजीर उस पर लगाया गया ताला और इस जंजीर का सिरा एक व्यक्ति के हाथों में, जो कि बार-बार लड़की को ठीक से चलने की हिदायत देकर धकिया रहा था। इस दृश्य को देवासगेट थाना क्षेत्र में जिसने भी देखा कुछ देर के लिए उसे जंजीरों में लड़की को कैद कर ले जाने वाले व्यक्ति पर इतना गुस्सा आया कि वह इस निर्दयता के लिए उस व्यक्ति की जमकर पिटाई कर दे। लेकिन जब कुछ लोगों ने उस व्यक्ति को रोककर उसकी दास्तान सुनी तो सब सन्न रह गए।
पूरा मामला कुछ इस तरह है कि मूलतः अशोक नगर का रहने वाला वीरेंद्र कुशवाह वर्तमान मे इंदौर के देवगुराडिया में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। वह जिसके हाथों में जंजीर डालकर अपने साथ ले जा रहा है, वह और कोई नहीं बल्कि उसकी इकलौती बेटी काजल है, जिसकी उम्र 13 साल है।
वीरेंद्र कुशवाह ने बताया कि उनकी बेटी काफी समय से बीमार है और कई लोगों ने बताया कि उस पर कुछ ऊपरी हवा है, जिसके चलते बेटी या तो स्वयं के शरीर को घायल कर लेती है या परिजनों के साथ मारपीट करती है या फिर सड़कों पर दौड़कर लोगों को नुकसान पहुंचाती है। ऐसी हालात में न चाहते हुए भी वीरेंद्र को दिल पर पत्थर रखकर बेटी के हाथों को बांधकर जंजीरों में जकड़कर ताला बांधकर रखना पड़ता है।
अब बस बागेश्वरधाम सरकार का ही आसरा...
वीरेंद्र कुशवाह ने बताया कि वह बेटी का कई स्थानों पर इलाज करवा चुके हैं, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। अब इलाज के लिए वह बेटी को लेकर बागेश्वर धाम जा रहे हैं। बागेश्वर धाम जाने के लिए ही वह बेटी को बस में बैठाकर हाथों में जंजीर डालकर ट्रेन से बागेश्वर धाम जा रहा है।