नागदा में कांग्रेस ने कचरे के ढेर से गणेश प्रतिमाएं उठाकर चंबल में प्रवाहित कीं।
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उज्जैन जिले के नागदा में भगवान गणेश प्रतिमाओं की दुर्दशा देखने को मिली। गणेश प्रतिमाओं को चंबल नदी में प्रवाहित न करते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड के कचरे में फेंकने का मामला सामने आया है। इससे भड़के कांग्रेस पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। निगम इंजीनियर से बहस हुई, पुलिस को दखल देना पड़ा। आखिरकार गणेश प्रतिमाएं चंबल में विसर्जित की गईं।
मामला नागदा का है। नगर पालिका में अधिकारियों की लापरवाही के चलते कर्मचारियों ने गणेश प्रतिमाओं को चंबल नदी में प्रवाहित न करते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड के कचरे में फेंक दिया। इस बात की जानकारी जब कांग्रेस के पार्षद विशाल गुर्जर को लगी तो वे सभी कांग्रेस पार्षदों के साथ ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचे और कचरे के ढेर में से लगभग 50 से अधिक गणेश प्रतिमाओं को निकाला।
ट्रेंचिंग ग्राउंड के कर्मचारियों ने मामले की जानकारी इंजीनियर निलेश पंचोली को दे दी। आनन फानन में पंचोली स्वच्छता निरीक्षक कन्हैयालाल चौहान, कुशल घोलुपेर, पवन भाटी के साथ मौके पर पहुंचे। जहां पंचोली ने कांग्रेस पार्षदों को गणेश प्रतिमाएं ले जाने से मना किया, जिसको लेकर इंजीनियर और कांग्रेस पार्षदों में तीखी बहस हुई, मामला विधायक दिलीपसिंह गुर्जर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष राधे जायसवाल तक जा पहुंचा।
इसी दौरान कांग्रेस के बुलावे पर पहुंचे ऑटो चालक गणेश प्रतिमाओं को लेकर जाने लगे तो पंचोली ने ऑटो चालक पर दबाव बनाया। कांग्रेस पार्षदों ने आपत्ति दर्ज कराई तो दोनों में लंबी बहस हो गई। बाद में पंचोली और कांग्रेस पार्षदों के बीच संयुक्त रूप से गणेश प्रतिमाओं को चंबल नदी में प्रवाहित करने पर सहमति बनी, लेकिन कर्मचारियों ने ट्रेंचिंग ग्राउंड के फाटक को बंद कर दिया, जिसके बाद पार्षद मेघा धवन ने फाटक खोला। विवाद बढ़ता देख बिरलाग्राम पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। कांग्रेस पार्षद कचरे में पड़ी गणेश प्रतिमाओं को संग्रहित कर ऑटो से चंबल नदी पहुंचे और प्रवाहित की। इस दौरान पार्षद प्रमोदसिंह चौहान, राजकुमार राठौर, वासुदेव चौहान, आसिफ हुसैन, भय्यु कबाड़ी आदि मौजूद रहे।