फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ujjain News: ससुर ने निभाया पिता का धर्म, विधवा बहू का किया कन्यादान, धूमधाम से करवाई शादी

Thu, 09 Jul 2026 05:27 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन के दिनेश बैरागी ने बेटे कपिल की कैंसर से मृत्यु के बाद विधवा बहू प्रियंका का पुनर्विवाह कर समाज को नई मिसाल दी। विदिशा निवासी गोविंद से विवाह कराते हुए उन्होंने पिता बनकर बहू का कन्यादान किया। समारोह में 350 लोग शामिल हुए और गृहस्थी का सामान भी दिया गया।
विज्ञापन
ससुर की पहल से विधवा बहू का घर फिर बस गया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

समाज में व्याप्त रूढ़िवादिता को तोड़ते हुए मानवता और रिश्तों की अनूठी मिसाल पेश की गई है। उज्जैन के आगर रोड निवासी दिनेश बैरागी ने अपने बेटे की मौत के बाद विधवा बहू को सहारा देने के बजाय उसका जीवन फिर से बसाने का फैसला लिया। ससुर ने पिता बनकर बहू का कन्यादान किया और धूमधाम से उसकी शादी कराई।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार जेथल निवासी दिनेश बैरागी के छोटे बेटे कपिल बैरागी का विवाह वर्ष 2018 में प्रियंका से हुआ था। शादी के तीन साल बाद कपिल पैर के कैंसर से पीड़ित हो गए। दो साल तक इलाज चला, लेकिन 6 जून 2023 को उनका निधन हो गया। पति के निधन के बाद प्रियंका ससुराल में ही रह रही थी। बहू के भविष्य को लेकर चिंतित ससुर दिनेश बैरागी और सास कैलाश बाई ने परिवार के साथ मिलकर प्रियंका का पुनर्विवाह कराने का निर्णय लिया। परिवार की सहमति से प्रियंका का रिश्ता विदिशा निवासी गोविंद के साथ तय किया गया, जो खंडवा में कार्यरत हैं। भोपाल के एक रिसॉर्ट में सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान ससुर दिनेश बैरागी ने पिता की भूमिका निभाते हुए स्वयं प्रियंका का कन्यादान किया। देवर दीपक बैरागी ने बताया कि शादी में लगभग 7 लाख रुपये खर्च किए गए। समारोह में 350 लोग शामिल हुए और दहेज में गृहस्थी का सामान भी दिया गया।

ये भी पढ़ें- SC में सोनम का जवाब - मैं निर्दोष हूं, जमानत रद्द करने की याचिका पर दिया हलफनामा
विज्ञापन
विज्ञापन


बहू बनाकर लाया था, बेटी बनाकर विदा कर रहा हूं
इस प्रेरक कदम की प्रियंका के पिता रामबाबू ने भी सराहना की। ससुर दिनेश बैरागी ने कहा, बहू बनाकर लाया था, बेटी बनाकर विदा कर रहा हूं। बेटी की खुशियों की जिम्मेदारी एक पिता की होती है, मैं वो ही निभा रहा हूं। 
 

 

ऐसे करवाई शादी

 

ऐसे करवाई शादी

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें