अर्जुन की मौत के बाद कागजी कार्रवाई करती पुलिस।
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कहा जाता है कि कभी-कभी अच्छे तैराक की मौत भी डूबने से ही हो जाती है। आज सुबह रामघाट पर एक ऐसी ही घटना घटित हुई, जिसमें अब तक लगभग 200 लोगों को डूबने से बचाने वाले शिप्रा तैराक दल के एक सदस्य की डूबने से ही मौत हो गई।
महाकाल थाना पुलिस ने बताया कि अर्जुन पिता अंबूलाल कहार (30) निवासी नरसिंह घाट कॉलोनी शिप्रा तैराक दल का सदस्य था। जिसने अब तक 200 से अधिक लोगों को रामघाट पर डूबने से बचाया था। मंगलवार शाम को अर्जुन रामघाट पर नहाने गया था। उसी समय उसका पैर नदी में बंधी रस्सी में उलझा और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पूरी घटना की जानकारी बुधवार सुबह उस समय लगी जब अचानक अर्जुन की लाश फूलने के कारण नदी के किनारे पर आ गई और नगर निगम के कर्मचारियों ने नदी से लाश मिलने की जानकारी महाकाल थाना पुलिस को दी। इस मामले में शिप्रा तैराक दल के तेजा कहार ने बताया कि पूरी घटना की जानकारी महाकाल थाना पुलिस को दी गई थी, जिसके बाद अर्जुन को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया। इस मामले में महाकाल थाना पुलिस ने मर्ग कायम किया है।