उज्जैन में सोशल मीडिया पर छठवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा के अचानक गायब होने की पोस्ट ने पूरे शहर में सनसनी मचा दी है। इस पोस्ट को शेयर करने वाले हर व्यक्ति की मंशा है कि गायब हो गई छात्रा का जल्द से जल्द पता लग जाए और वह अपने घर पहुंच जाए। लेकिन 36 घंटे गुजरने के बाद भी न तो पुलिस और न ही परिजन उसे खोज पाए हैं। जबकि परिवारजनों की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में अपहरण तक का प्रकरण दर्ज कर लिया है।
पूरा मामला नीलगंगा थाना क्षेत्र का है, जिसमें शांति नगर क्षेत्र में रहने वाली 12 वर्षीय नाबालिग रोजाना की तरह स्कूल ड्रेस पहनकर कंधों पर स्कूल बैग लिए बुधवार सुबह 7:30 बजे घर से निकली थी। दोपहर की 2:30 बजे तक तो सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन जब धीरे-धीरे समय गुजरता रहा और छात्रा घर नहीं लौटी तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने बेटी को ढूंढना शुरू कर दिया।
सबसे पहले घर वालों ने उस बस ड्राइवर को फोन लगाया, जो रोजाना बस से बेटी को स्कूल छोड़ता था। लेकिन तब उन्हें पता चला कि उनकी बेटी बस से स्कूल गई ही नहीं थी। परिजन इसके बाद स्कूल पहुंचे तो यहां भी उन्हें यही जवाब मिला कि उनकी बेटी स्कूल ही नहीं आई है, जिससे परिजन घबरा गए और उन्होंने बेटी को 24 घंटे तक ढूंढने के बाद न मिलने पर अपहरण का प्रकरण दर्ज करवाया है।
पैदल जाती दिख रही बालिका
बालिका के पिता ने बताया कि बालिका के अचानक गुम हो जाने पर हमने घर से लेकर चौराहे तक और फिर अन्य क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, जिसमें बेटी पैदल-पैदल जाती हुई दिखाई दे रही है। पुलिस भी इन फुटेज के आधार पर यह पता लगाने में लगी हुई है कि आखिर स्कूल बस होने के बावजूद भी छात्रा को पैदल-पैदल क्यों जाना पड़ा।
इसीलिए उलझ रही गुत्थी
इस पूरे मामले को हुए 36 घंटे गुजर चुके हैं और न तो पुलिस और न ही परिजन छात्रा का पता लगा पाए। पूरे मामले की गुत्थी इसलिए भी उलझ रही है, क्योंकि एक ओर तो छात्रा का अब तक कोई पता नहीं चल पाया। वहीं, उसकी स्कूल ड्रेस अलखधाम क्षेत्र से मिली है।