दुकान पर सैंपल लेने पहुंची टीम।
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सोयाबीन में खरपतवार नाशक दवाई छिड़कने से किसान की लगभग 33 बीघा की फसल नष्ट हो गई, जिसकी शिकायत पर कृषि विभाग के सहायक संचालक सहित पांच अधिकारियों की टीम संबंधित दूकान पर सैंपलिंग की कार्रवाई करने के लिए पहुंची।
कार्रवाई के दौरान शिकायकर्ता, दूकानदार सहित किसान मौजूद रहे। गांव जलोदिया जागीर के किसान दशरथसिंह पिता प्रथेसिंह राजपुत की शिकायत पर कृषि विभाग के सहायक संचालक नरेश मीणा, कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके सूर्यवंशी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी संदीप करोड़े, कृषि विस्तार अधिकारी श्याम पाटीदार एवं कृष्णा चौहान जांच करने के लिए पहुंचे। अशोक टॉकीज के सामने स्थित श्रीजी इंटरप्राइजेस की दूकान पर कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने खरपतवार नाशक ब्राश नामक दवाई की सैंपलिंग की।
पीड़ित किसान के पुत्र कुलदीपसिंह देवड़ा ने अधिकारियों को बताया कि लगभग 35 बीघा खेत में सोयाबीन की बोवनी की थी। बोवनी के 60 दिन बाद यानी तीन दिन पहले फसल में ब्रॉश नामक खरपतवार नाशक दवाई का छिडकाव दूकानदार के कहे अनुसार किया था। 750 लीटर पानी में 4 लीटर दवाई मिलाकर 12 बीघा में छिड़काव किया गया। इसके बाद 28 व 29 जून को सोयाबीन की बोवनी की गई, जिसके शुरुआती दौर में फसल की वृद्धि एवं विकाम कम हो रहा था, फसल कमजोर सी दिखाई दे रही थी। अब फसल पूर्णरुप से पीली होकर सूख चूकी है। लगभग 80 से 90 प्रतिशत फसल खराब हो चूकी है। शिकायकर्ता ने अधिकारियों को दवाई खरीदी का बिल नंबर 2024-25/128 भी उपलब्ध कराया। किसान ने नष्ट फसल के मुआवजे की मांग की।
दूकानदार प्रियांशु पोरवाल ने बताया शिकायत पर अधिकारियों की टीम सैंपलिंग करने के लिए पहुंची थी। ब्रॉश नाम की खरपतवार नाशक दवाई का सैंपल लिया है। यह दवाई अन्य किसानों को भी उपलब्ध कराई गई है। कोई शिकायत नहीं आई है। अभी सैंपलिंग हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। कार्रवाई के दौरान भानुप्रतापसिंह देवड़ा, महेंद्रसिंह, श्रवणसिंह, मनोहरसिंह, आशीष जैन आदि मौजूद रहे।