उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) को रविवार को राजनीतिक संचालक मंडल मिल ही गया। इसके मनोनयन में संतुलन बैठाने में दो साल लग गए। अंततः भाजपा पृष्ठभूमि के चेहरों को इसमें मौका दिया गया। मोटे तौर पर संचालक मंडल में महिलाओं सहित सभी जातीय वर्गों के प्रतिनिधित्व को साधने की कोशिश की गई है। वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और खासकर उज्जैन दक्षिण विधानसभा से जुड़े लोगों को इस मंडल में तरजीह दी गई है।
जानें किसे क्या पद मिला यूडीए में?
सीएम खुद रहे हैं दस वर्षों तक यूडीए के अध्यक्ष
जानें क्या-क्या काम करती है यूडीए
यूडीए एक डिपॉजिट निर्माण एजेंसी है, जो लघु एवं मध्यम श्रेणी की कॉलोनियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रदेश स्तरीय आवास योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ बड़े मॉल, बाजार और अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी कार्य किया जाता है। महाकालेश्वर मंदिर का विस्तार, काल भैरव और शनि मंदिर का विकास, नए सिंहस्थ कार्यालय का निर्माण, आंतरिक और बाहरी सड़कों का निर्माण तथा आधुनिक गीता भवन का निर्माण भी यूडीए के जिम्मे है। महिदपुर के डोंगला क्षेत्र में आधुनिक वेधशाला की स्थापना भी इसकी उपलब्धियों में शामिल है।
उज्जैन विकास प्राधिकरण में रवि सोलंकी की नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन को नए स्वरूप में विकसित करना चाहते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में नए प्रकल्प लाने के साथ-साथ सिंहस्थ महापर्व 2028 के आयोजन के माध्यम से उज्जैन की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।
यूडीए के नए अध्यक्ष रवि सोलंकी व टीम में शामिल चेहरे।
आदेश।