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Ujjain News : महाकाल की शरण में 'ट्रीमैन ऑफ इंडिया', बिल्व का पौधा लेकर निकली अनूठी दंडवत यात्रा

Wed, 08 Jul 2026 11:52 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

'ट्रीमैन ऑफ इंडिया' के नाम से प्रसिद्ध पर्यावरणविद् विष्णु लांबा बुधवार को महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंचे। बिल्व का पौधा हाथ में लेकर वे महामृत्युंजय द्वार से महाकाल मंदिर तक दंडवत यात्रा कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।
 
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पर्यावरणविद् विष्णु लांबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंचे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के संकल्प के साथ 'ट्रीमैन ऑफ इंडिया' के नाम से प्रसिद्ध पर्यावरणविद् विष्णु लांबा बुधवार को उज्जैन पहुंचे। हाथ में भगवान शिव को प्रिय बिल्व का पौधा लेकर उन्होंने शहर की सीमा स्थित महामृत्युंजय द्वार से श्री महाकालेश्वर मंदिर तक दंडवत यात्रा शुरू की। इस यात्रा का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को जन-जन तक पहुंचाना है।
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बचपन में लोग कहते थे 'पौधा चोर'
राजस्थान के टोंक जिले के लांबा गांव निवासी विष्णु लांबा को बचपन से ही पेड़-पौधों से विशेष लगाव था। जहां भी उन्हें अच्छे पौधे दिखाई देते, वे उन्हें लाकर अपने घर और आसपास के क्षेत्र में लगा देते थे। इसी कारण गांव के लोग उन्हें मजाक में 'पौधा चोर' कहने लगे। बाद में उनकी पर्यावरण के प्रति लगन देखकर लोग स्वयं उन्हें पौधे भेंट करने लगे।

भाई की शादी में दहेज में मांगे थे पौधे
वर्ष 2011-12 में छोटे भाई की शादी के दौरान जब दहेज की बात हुई तो विष्णु लांबा ने नकदी या सामान के बजाय पौधों की मांग की। इसके बाद दुल्हन पक्ष की ओर से ट्रैक्टर-ट्रॉली भरकर पौधे भेजे गए और बारात में शामिल लोगों को पौधे भेंट किए गए। यह अनूठी 'इको-फ्रेंडली वेडिंग' पूरे देश में चर्चा का विषय बनी।
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राष्ट्रपति ने दिया 'ट्रीमैन ऑफ इंडिया' का सम्मान
विष्णु लांबा अब तक अपने गांव में तीन लाख से अधिक फलदार पौधे लगवा चुके हैं। उन्होंने देश के 22 राज्यों में क्रांतिकारियों के जन्मस्थलों और शहीद स्मारकों पर पौधारोपण अभियान चलाया। उन्होंने 56 क्रांतिकारियों के परिजनों को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी मिलवाया। उनके पर्यावरण संरक्षण के कार्यों से प्रभावित होकर तत्कालीन राष्ट्रपति ने उन्हें 'ट्रीमैन ऑफ इंडिया' की उपाधि से सम्मानित किया।

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13 देशों तक पहुंचा पर्यावरण अभियान
श्री कल्पतरु संस्थान के माध्यम से विष्णु लांबा 22 राज्यों और 13 देशों में पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचा रहे हैं। केवल राजस्थान में उनके 12 हजार से अधिक स्वयंसेवक कार्यरत हैं। उनकी संस्था अब तक 26 लाख पौधे लगा चुकी है, 13 लाख पौधे वितरित कर चुकी है तथा 15 लाख पौधों को संरक्षण दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी है।

अवैध खनन के खिलाफ भी लड़ी लड़ाई
पर्यावरण संरक्षण के लिए विष्णु लांबा ने कई बार जोखिम भी उठाया। बनास नदी में अवैध खनन के विरोध के दौरान उन पर हमला हुआ, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा उन्होंने क्षिप्रा नदी के तट पर 17 किलोमीटर ग्रीन बेल्ट विकसित करने और जयपुर की बांडी नदी संरक्षण अभियान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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पर्यावरण संरक्षण को लेकर दिया संदेश
विष्णु लांबा का मानना है कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम इतने पेड़ अवश्य लगाने चाहिए, जिससे प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्हें राजीव गांधी राष्ट्रीय पर्यावरण पुरस्कार, अमृता देवी बिश्नोई पुरस्कार, ग्रीन आइडल अवार्ड और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम राष्ट्र निर्माण पुरस्कार सहित करीब 150 सम्मान मिल चुके हैं। वर्तमान में वे पर्यावरण की दृष्टि से 100 आदर्श गांव विकसित करने के लक्ष्य पर कार्य कर रहे हैं। महाकाल की नगरी उज्जैन में बिल्व का पौधा लेकर निकाली जा रही उनकी दंडवत यात्रा पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता का अनूठा संदेश दे रही है।

 

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