उज्जैन में खाचरौद थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से 22 लाख 93,100 रुपये वाले चुराने वाले दो चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिन्होंने 15 मिनट में ही पासवर्ड डालकर एटीएम को खोला और इसमें रखी लाखों रुपये की राशि लेकर दोनों कर रफू चक्कर हो गए थे। लाखों रुपये चुराने वाले यह चोर इतने शातिर थे कि इन्होंने ऐसा कोई गलत कदम नहीं उठाया, जिससे कि बैंककर्मियों को एटीएम से रुपये चोरी होने की जानकारी लग सके। वह तो सप्ताह में एक बार एटीएम पर रुपये डालने बैंक कर्मियों ने एटीएम से रुपये गायब देख और तुरंत इस चोरी की जानकारी पुलिस को दी थी।
बैंक एटीएम से गायब हुए 22 लाख 93,100 चोरी के मामले को सुलझाने के लिए पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के निर्देशन में टीम बनाई गई थी, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण नितेश भार्गव के सहयोग से टीम ने मैच 12 घंटे में ही बैंक आफ इंडिया केटीएम से रुपये चुराने वाले दो आरोपी रितुराज पिता भोपाल सिंह, उम्र 30 साल निवासी ग्राम बोरदिया थाना खाचरौद और शुभम पिता अर्जुन उम्र 26 साल निवासी ग्राम बोरदिया थाना खाचरौद को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके पास से नगद 22,93,100 रुपये व घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल MP-13 FS-0433 जब्त कर ली गई है>
रुपये निकालने पहुंचे तो छह दिनों बाद चला वारदात का पता
बैंक ऑफ इंडिया के शाखा खाचरौद के प्रबंधक नीलकमल द्वारा थाना खाचरौद पर एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें बैंक डिपॉजिट मशीन के अंदर पासवर्ड वाला दरवाजा व चार कैसेट एवं नगदी राशि 22,93,100 रुपये चोरी होना बताया। आवेदन में बताया गया कि 3-8-24 को कैशियर आदि कर्मचारी रुपये निकालने के लिये ई-गैलरी में पहुंचे तो डिपॉजिट मशीन का पासवर्ड वाला दरवाजा नहीं था तथा रुपये से भरी चार कैसेट गायब थी।
कैमरे चैक करते दिनांक 29/7/24 की रात्रि में एक से दो बजे के मध्य दो व्यक्ति मो.सा. से बैंक की ई गैलरी में पहुंचे। दोनों काले रंग का हेलमेट तथा रेनकोट पहने हुए थे, जिसमें से एक व्यक्ति बैंक की ई-गैलरी मे जाकर सीसीटीवी कैमरों पर स्प्रे करने के बाद डिपॉजिट मशीन से छेड़छाड़ करता हुआ तथा थोड़ी देर बाद काले रंग के बैग में सामान ले जाते दिखाई दिया। बदमाश दिनांक 29/7/24 की रात्रि में बैंक की डिपॉजिट मशीन से कुल 22,93,100 रुपये चुराकर ले गया है।आवेदन पर थाना खाचरौद पर अपराध क्रमांक 512/24 धारा-331 (4), 305 (ई) बीएनएस का कायम कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस समझ गई थी आरोपी है तकनीकी रूप से दक्ष, इसीलिए जल्द कर लिया गिरफ्तार
घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण तथा घटना के सीसीटीवी फुटेज देखे गए, जिससे ज्ञात हुआ की एक अज्ञात बदमाश ने ई-गैलरी के अंदर घुसकर बिना किसी तोड़फोड़ के बहुत ही कम समय में वारदात को अंजाम दिया। इससे यह बात स्पष्ट हो गई कि बदमाश तकनीकी रूप से दक्ष होकर बैंक की डिपॉजिट मशीन को खोलने का ज्ञान रखने वाला हो सकता है। इसी बिंदु को ध्यान में रखकर प्रकरण में अग्रिम विवेचना करते हुए बैंक कर्मियों से पूछताछ करते यह बात सामने आई की 26/7/24 को रितुराज सिंह निवासी बोरदिया का कंपनी की ओर से मेंटेनेंस के लिए आया था। पुलिस द्वारा संदेही रितुराज की गांव तथा अन्य स्थानों पर तलाश करने के साथ सूत्र स्थापित किए गए। पुलिस टीम द्वारा मुखबिर सूचना पर संदिग्ध को कस्बा घिनोदा में स्थित एक चाय की होटल से घेराबंदी कर पकड़ा। संदिग्ध बदमाश से गहनता से पूछताछ करने पर बदमाश द्वारा अपराध करना स्वीकार कर घटना में अपने साथी शुभम जोशी को साथ होना बताया, जिसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
बदमाश द्वारा रात्रि के समय बैंक की ई-गैलरी में घुसकर सीसीटीवी कैमरे से बचने के लिए कैमरों पर काले रंग से स्प्रे कर दिया तथा अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट तथा बरसाती पहनी थी। डिपॉजिट मशीन को पासवर्ड के माध्यम से खोलकर बहुत ही कम समय में लगभग 15 मिनट में वरदात को अंजाम दिया गया। बैंक की डिपॉजिट मशीन से 22,93,100 रुपये चुरा लिए। बदमाश के द्वारा 26/07/24 को शाम करीब पांच बजे बैंककर्मियों के सामने डिपॉजिट मशीन को दुरूस्त किया गया था। तब बैंककर्मी के द्वारा पासवर्ड का उपयोग कर मशीन को खोला गया था। तब मेरे द्वारा पीछे से पासवर्ड देख लिए थे तथा बाद में पासवर्ड को नोट कर लिया था। उसी पासवर्ड से घटना दिनांक को मशीन खोलकर रुपये चुरा लिए।