मंगलवार को शिप्रा नदी से गाय के सात कटे सर मिले थे, इस घटना के विरोध में हिन्दूवादी संगठनों ने चक्काजाम कर कार्रवाई की मांग की थी, पुलिस को नदी से मिले गाय के दो सरों में आईडी नंबर लिखे मिले हैं, जिसके जरिए गाय के मालिक का पता चल सकता है।
उज्जैन के सिंहस्थ बायपास मार्ग के ओवरब्रिज के पास शिप्रा नदी से सात गायों के कटे सिर मिलने के मामले की पुलिस पड़ताल जारी है। दो गायों के सिर पर नंबर लिखे मिले हैं, इससे मामले का जल्द खुलासा होने की उम्मीद है।
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गायों के कटे सिर मिलने के मामले में मंगलवार को हिंदूवादी संगठनों ने जमकर हंगामा मचाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। इस पर नीलगंगा थाना पुलिस ने जसवंतसिंह ठाकुर निवासी सेंटपाल की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गोवंश अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
आखिर ये गायें किसकी थीं
मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी है। इससे जल्द खुलासे की उम्मीद है। गोवंश के जो सात कटे सिर मिले थे, उनमें से दो सिरों पर नगर निगम द्वारा दिए जाने वाले नंबर 100629 और 108184 लिखे हुए थे। नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार इन नंबरों की खोज करने से यह जानकारी हासिल की जा सकती है कि आखिर ये गायें किसकी थीं? और आखिर शिप्रा नदी के तट तक इनके कटे सिर कैसे पहुंचे? इसकी जानकारी भी इन गायों के मालिकों तक पहुंचने के बाद लग सकती है। मामले में नीलगंगा थाने के एसआई लक्ष्मण उइके जांच करने में जुटे हैं।
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पुलिस पता लगाए कि ये अवशेष किसने फेंके थे
हिंदूवादी नेता पिंटू कौशल ने बताया कि नगर निगम ने कुछ समय पहले मवेशियों पर नजर रखने के लिए उन्हें आईडी नंबर जारी किए थे। इसमें मालिक का नाम और पता भी दर्ज था। इसके लिए मवेशी के साथ ही उसके मालिक की जानकारी भी एकत्रित की गई थी, जिससे निगम प्रशासन शहर में आवारा घूमते मवेशियों के मालिकों के खिलाफ आसानी से कार्रवाई कर सके। पिंटू कौशल ने बताया कि इन नंबरों के आधार पर पुलिस गायों के मालिक तक पहुंचे और पता लगाएं की शिप्रा नदी में गायों के अवशेष आखिर किसने फेंके ?