पदवृद्धि को लेकर घुटनों पर आए शिक्षक
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उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2023 के सेमेस्टर में पद वृद्धि करने को लेकर लगभग 20000 शिक्षक पिछले डेढ़ वर्षो से दिल्ली, भोपाल में प्रदर्शन कर चुके है, लेकिन इसके बावजूद भी पद वृद्धि नहीं होने पर आज वे बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंचे। जहां उन्होंने रेलवे स्टेशन से दंडवत यात्रा निकालकर विरोध प्रदर्शन किया।
विरोध प्रदर्शन कर रही शिक्षक बबीता शर्मा ने बताया कि पद वृद्धि को लेकर हम पिछले डेढ़ वर्षो से दिल्ली भोपाल और अन्य स्थानों पर प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन फिर भी हमारी मांगों को नहीं माना जा रहा है। इसलिए हम यह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आज हम बाबा महाकाल के दरबार में दंडवत प्रणाम करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे। जिसके बाद टावर चौक पर भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले का चित्र रखकर प्रदर्शन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस प्रदर्शन के दौरान हम रामघाट पर जल सत्याग्रह के साथ ही भूख हड़ताल और अनिश्चितकालीन धरना भी देंगे।
बहनें बोलीं - लाडली बहना करे पुकार पद वृद्धि हो 20000
विरोध प्रदर्शन के दौरान एक और जहां शिक्षक सड़कों पर दंडवत प्रणाम करते हुए महाकाल मंदिर की और बढ़ रहा था। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री की लाडली बहनें यह नारा लगाते हुए दिखाई दे रही थी कि लाडली बहनें करे पुकार पद वृद्धि हो 20000...हम क्या मांगे पद वृद्धि।
इसलिए किया जा रहा प्रदर्शन
पद्धति के लिए प्रदर्शन कर रहा है शिक्षक अर्पित कुमार ने बताया कि वर्ग की भर्ती कोरोना काल त्रासदी की वजह से 5 साल बाद आने के कारण अधिक पद रिक्त है और अभ्यर्थी ओवर एज हो गए हैं। अन्य परीक्षा देने में भी असमर्थ है। अभी तक मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती में केवल पात्रता परीक्षा आयोजित की जाती थी, लेकिन इस बार 2023 से शिक्षक भर्ती में पात्रता परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा अर्थात चयन परीक्षा आयोजित की गई है। सीधी सी बात हुआ हम 2-2 परीक्षाओं में सफल हुए है।
उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 10 अलग-अलग विषयों के लिए मात्र 8720 पदों पर आयोजित है। जिसमें से फेश (नये) पद केवल 5062 ही है। वर्ग-1 के रोस्टर में लगभग 45 प्रतिशत बैकलॉग के हैं और फेस (नये) पद कम होने के कारण कैटेगरी अनुसार लगभग 8 से पद आ रहे है, जिससे उत्तम अंक लाने पर भी अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो पा रहा है। आपने बताया कि 6 दिसंबर और 27 दिसंबर को जारी गजट में 58724 पद वर्ग एक के लिए रिक्त बताए गए हैं, लेकिन हम तो सिर्फ 20 हजार पदों की वृद्धि के लिए ही प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर वास्तविकता में 58724 पद रिक्त हैं तो फिर हमारी इस मांग को क्यों नहीं पूरा किया जा रहा है।